अमेरिकी चुनाव: जहां-जहां मचाया कोरोना ने तांडव, जानें वहां सबसे अधिक वोट किसको मिले

अमेरिकी चुनाव: जहां-जहां मचाया कोरोना ने तांडव, जानें वहां सबसे अधिक वोट किसको मिले

अमेरिकी चुनाव में मतदाता जिस विषय पर सबसे अधिक और स्पष्ट रूप से बंटे दिखे, वह है कोरोना वायरस महामारी और उसे लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया। हैरानी की बात तो यह है कि जिन स्थानों पर महामारी बेकाबू होकर कहर बरपा रही है वहां से ट्रंप को खासा समर्थन मिला। 

एसोसिएटेड प्रेस के विश्लेषण में पता चला है कि 376 काउंटी जहां प्रति व्यक्ति संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं उनमें से 93 फीसदी काउंटी में ट्रंप के पक्ष में अधिक मत पड़े हैं, वायरस से कम प्रभावित इलाकों में डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में पड़ने वाले मतों की दर इससे कम है।

एपी के चुनाव संबंधी राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण 'वोटकास्ट' के मुताबिक ट्रंप को वोट करने वाले 36 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि महामारी पर पूरी तरह से या लगभग पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।

47 फीसदी मतदाताओं का मानना है कि इस पर कुछ हद तक काबू पाया जा सका है। इस सर्वे में 110,000 से अधिक मतदाताओं की राय ली गई।

एपी का विश्लेषण उन काउंटी तक सीमित है जहां कम से कम 95 फीसदी क्षेत्रों से चुनाव परिणाम आ चुके हैं। इसमें सभी काउंटी को प्रति 1,00,000 व्यक्तियों पर कोविड-19 के मामलों की दर के आधार पर छह श्रेणियों में बांटा गया है। 

मतदान से भी यह पता चलता है कि रिपब्लिक पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेड को लेकर जो मतदाता बंटे हैं, वही मतदाता इस विषय को लेकर भी अलग राय रखते हैं कि महामारी नियंत्रण में है या नहीं।

इस सर्वे के मुताबिक बाइडेन को वोट देने वाले 82 फीसदी मतदाताओं का कहना है कि महामारी बिलकुल भी नियंत्रण में नहीं है। विस्कोंसिन, जहां चुनाव से ठीक पहले वायरस ने कहर बरपाना शुरू किया, वहां के 57 फीसदी मतदाताओं का कहना है

कि महामारी काबू में नहीं है। जबकि वाशिंगटन जहां पर वायरस पहले के मुकाबले अब नियंत्रण में हैं, वहां 55 फीसदी मतदाता विस्कोंसिन के मतदाताओं से सहमत हैं।