पीएनसी कम्पनी के आगे नतमस्तक हुआ पीडब्लूडी, कम्पनी अपनी गाडियों से करा रही ओवरलोडिंग

पीएनसी कम्पनी के आगे नतमस्तक हुआ पीडब्लूडी, कम्पनी अपनी गाडियों से करा रही ओवरलोडिंग

पीएनसी कम्पनी के आगे नतमस्तक हुआ पीडब्लूडी, कम्पनी अपनी गाडियों से करा रही ओवरलोडिंग
कानपुर/योगेश दीक्षित: रेलवे पुल बनाने वाली पीएनसी कम्पनी का भी विवादों से काफी पुराना नाता रहा है। इसबार कम्पनी के अधिकारियों ने गाडियों में मानक से डबल ओवरलोडिंग करके अपने को चर्चा में ला दिया है। पीडब्लूडी विभाग की मानें तो जिन रोडों से मिट्टी भरी गाडियां गुजर रही है। मानक के हिसाब से वहां बनी उन सडकों की भार क्षमता लगभग 26 टन है, जबकि रात के अंधेरे में प्रतिदिन सैकडों गाडियां ओवर लोड होकर 60 टन तक का भार लेकर जाती है।जिससे रोडों की स्थिति दयनीय हो गयी है। समय-समय पर ग्रामीणों ने इस अधिभार का विरोघ किया तथा गाडियां रोकी लेकिन बाद में मामला पुलिस तक पहुंचते ही दम तोड देता है। क्योंकि इस पूरे खेल के पीछे खाकी भी संरक्षक की भूमिका में खडी है।उपरोक्त मामलें में तुषौरा गांव के प्रधान नीरज ने कई बार ग्रामीणों की मदद से पीडब्लूडी को इस अवैध भार वाली गाडियों के संदर्भ में अवगत कराया, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। जब भी प्रधान ग्रामीणों के साथ अधिकारियों से मिले तो अधिकारियों ने अश्वासन की घुट्टी पिलाकर भेज दिया। वर्तमान में नतीजा यह है कि टूटी व क्षतिग्रस्त रोड होने के कारण यहां प्रतिदिन एक्सीडेंट होना रूटीन वर्क हो गया है। आंकडे देखे तो इस अवैध लोडिंग के कारण अब तक दर्जनों जानें जा चुकी है। पीएनसी की ओवल लोडिंग के संदर्भ में जब अधिशासी अभियंता मुकेश शर्मा से बात की तो उन्होंने पूरे प्रकरण से पल्ला झाडते हुए कहा कि हमने कईबार अपने उच्च अधिकारियों को इस प्रकरण से अवगत कराया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। समय-समय पर पीएनसी कम्पनी को भी पत्र लिखा लेकिन कम्पनी के अधिकारियों ने भी कोई रिस्पांस नहीं किया। इस संदर्भ में कम्पनी के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया तो उनके नम्बर कवरेज के बाहर होने का मैसेज दे रहे थे।