पीएनसी कंपनी ने नहीं कराया घायल कर्मचारी का इलाज।

चकेरी से प्रयागराज तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पीएनसी कम्पनी द्वारा किया जा रहा शानिवार रात कम्पनी का कार्य चल रहा था मलवा थाना क्षेत्र में काम के दौरान कम्पनी के डम्फर ने कम्पनी के ही कर्मचारी पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी जीवन पुत्र बुद्धू को रौंद दिया जिससे मजदूर गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसके बाद आनन फानन घायल को कम्पनी के एम्बुलेंस से हैलट अस्पताल ले गए वँहा पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया जिसके बाद कम्पनी के एच आर मैनेजर प्रदीप कुमार ने पैसे न होने की बात कहकर घायल को छिवली स्थिति कैम्प में भेज दिया। साथी कर्मी रोते बिलखते कहते रहे इलाज के लिए परन्तु पीएनसी कम्पनी के अधिकारी नही पसीजे पूरी रात से लेकर सुबह तक प्रदीप कुमार कम्पनी में पैसा न होने की बात कहते रहे आखिर करोड़ों के प्रोजेक्ट में नही है घायल मजदूर के इलाज कराने के लिए पैसा सुबह तक नहीं पहुंचा तो साथियों यूपी डायल 112 पुलिस को भी सूचना दी पुलिस पँहुची तो मामले को बढ़ता देख पीएनसी अधिकारियों ने आनन फानन घायल को कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भेज दिया जहां पर घायल का इलाज हो रहा है वही घायल के साथियों ने बताया पीएनसी कम्पनी में इसी तरह होता कोई शिकायत करे तो जान से मारने और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। आखिर बड़ी कंपनियों पर क्यो नही होती कार्यवाही लगातार इस तरह की घटनाएं आती हैं। क्या बोले जिम्मेदार हमारी कम्पनी में कैश नही रहता है जिससे हम लोग घायल का उपचार नही करवा सकते हैं जब हेड आफिस आगरा मेल भेजते हैं तभी कैश आएगा इसके बाद ही उपचार सम्भव है हमारे पास कोई कार्ड भी नही है जिससे इलाज करवा सके। इसी वजह से घायल के इलाज में देरी होती है। एच आर मैनेजर प्रदीप कुमार पीड़ित की तरफ से कोई लिखित शिकायत या तहरीर नही दी गयी है तहरीर मिलते ही कड़ी कार्यवाही की जायगी जिससे इस तरह की घटना दोबारा सामने न आ सके।

पीएनसी कंपनी ने नहीं कराया घायल कर्मचारी का इलाज।

चकेरी से प्रयागराज तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पीएनसी कम्पनी द्वारा किया जा रहा शानिवार रात कम्पनी का कार्य चल रहा था मलवा थाना क्षेत्र में काम के दौरान कम्पनी के डम्फर ने कम्पनी के ही कर्मचारी पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी जीवन पुत्र बुद्धू को रौंद दिया जिससे मजदूर गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसके बाद आनन फानन घायल को कम्पनी के एम्बुलेंस से हैलट अस्पताल ले गए वँहा पर प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया जिसके बाद कम्पनी के एच आर मैनेजर प्रदीप कुमार ने पैसे न होने की  बात कहकर घायल को छिवली स्थिति कैम्प में भेज  दिया। साथी कर्मी रोते बिलखते कहते रहे इलाज के लिए परन्तु पीएनसी कम्पनी के अधिकारी नही पसीजे पूरी रात से लेकर सुबह तक प्रदीप कुमार कम्पनी में पैसा न होने की बात कहते रहे आखिर करोड़ों के प्रोजेक्ट में नही है घायल मजदूर के इलाज कराने के लिए पैसा सुबह तक नहीं पहुंचा तो साथियों यूपी डायल 112 पुलिस को भी सूचना दी पुलिस पँहुची तो मामले को बढ़ता देख पीएनसी अधिकारियों ने आनन फानन घायल को कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भेज दिया जहां पर घायल का इलाज हो रहा है वही घायल के साथियों ने बताया पीएनसी कम्पनी में इसी तरह होता कोई शिकायत करे तो जान से मारने और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। आखिर बड़ी कंपनियों पर क्यो नही होती कार्यवाही लगातार इस तरह की घटनाएं आती हैं।


क्या बोले जिम्मेदार 
हमारी कम्पनी में कैश नही रहता है जिससे हम लोग घायल का उपचार  नही करवा सकते हैं जब हेड आफिस आगरा मेल भेजते हैं तभी कैश आएगा इसके बाद ही उपचार सम्भव है हमारे पास कोई कार्ड भी नही है जिससे इलाज करवा सके। इसी वजह से घायल के इलाज में देरी होती है। 
एच आर मैनेजर प्रदीप कुमार

पीड़ित की तरफ से कोई लिखित शिकायत या तहरीर नही दी गयी है तहरीर मिलते ही कड़ी कार्यवाही की जायगी जिससे इस तरह की घटना दोबारा सामने न आ सके। 
थानाध्यक्ष औंग