मोहल्ले वासियों ने सजाई मिलाद की महफ़िल

मोहल्ले वासियों ने सजाई मिलाद की महफ़िल

मोहल्ले वासियों ने सजाई मिलाद की महफ़िल
12 रबी उल अव्वल का चांद दिखते ही जश्ने ईद मिलादुन्नबी की तैयारी शुरू हो गई है। मुस्लिम मोहल्लों में मस्जिदों में और लोगों ने घरों पर इस्लामी परचम लगा दिया है। मिलादे अकबर वा नात शरीफ का आयोजन बड़ी ही अकीदत के साथ मस्जिदों मदरसों में शुरू हो गया है। एक रविअव्वल से 12 रबी उल अव्वल तक अनवरत सुबह शाम चलता रहेगा। लोग अपने दुकानों को घरों को मस्जिद और मदरसों को कुमकुम, झिलमिल लाइटों से सजाने लगे हैं। इसी क्रम में ऊँचाहार नगर के मोहल्ला खरौंवा कुवाँ में मोहल्ले वासियों द्वारा वर्तमान समय में चल रही बीमारी कोरोना वायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए एक मिलाद की महफिल सजाई गई जिसमें कस्बा निवासी इरफ़ान मेहंदी द्वारा नात ख्वानी की गई। साथ ही वहाँ आये मौलाना का नूरानी बयान भी हुआ और लोगों को हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की जिन्दगी पर प्रकाश डालते हुए बताया की मुहम्मद साहब के मानने वाले दुनिया के कोने- कोने में है हर जाति धर्म का व्यक्ति मुहम्मद साहब को और उनके किरदार को बहुत पसंद करता है मुहम्मद साहब ने किस तरह गरीबी और मुफलिसी में अपनी ज़िंदगी गुजारी पर सत्य की राह नही उन्होने अल्लाह की राह में इबादत की और वह हमेशा सत्य के मार्ग पर चले हैं तथा अपने मानने वालों को भी सत्य के मार्ग पर चलने का निर्देश दिया है। इस मौके पर मौजूद मौलाना साहब ने बयान किया कि मुहम्मद साहब ने कभी झूठ नही बोला ,अपना वादा कभी नही तोड़ा,नमाज़ नही छोड़ी, इसी तरह हर मुसलमान को उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए ।