द‍िखेगा कल ब्लू मून का दिलकश नजारा, जाने क्यो

द‍िखेगा कल ब्लू मून का दिलकश नजारा, जाने क्यो

शनिवार का चांद खास होगा। पूर्णिमा का यह चांद ब्लू मून कहलाएगा। इसलिए इस दुर्लभ अवसर का लाभ अवश्य उठाएं और ब्लू मून के साक्षी बने। इंदिरा गांधी नक्षत्र शाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव बताते हैं कि अक्टूबर माह में यह दूसरी पूर्णिमा होगी। इसके पहले एक अक्टूबर को पूर्णिमा हो चुकी थी। शनिवार को एक ही माह में दूसरी बार पूर्णिमा पड़ेगी। इसलिए चांद ब्लू मून कहलाएगा। यानी वर्ष में 12 पूर्णिमा के बाद होने वाली अतिरिक्त पूर्णिमा को ब्लूमून कहते हैं।

वह कहते हैं कि ब्लू मून का अर्थ यह नहीं कि चांद नीला दिखाई देगा बल्कि ऐसा आभास होगा कि चांद नीलिमा लिए हुए हैं। चंद्रमा का रंग वास्तव में वायुमंडल में उपस्थित छोटे कणों के आकार पर निर्भर करता है। मगर ये अत्यंत दुर्लभ है 

कि वायुमंडल में उपस्थित कणों का आकार उस रेंज में हो जिससे चंद्रमा का रंग नीला दिखाई देने लगे। ऐसा जंगल में लगी आग की वजह से पैदा हुए कण या किसी भी ज्वालामुखी के फटने की वजह से पैदा हुए कण की वजह से भी चंद्रमा का रंग नीला दिखाई पड़ सकता है।

ब्लू मून का नजारा शनिवार को इसलिए भी खास होगा चूंकि खगोल विज्ञान के अनुसार हंटर्स मून के अलावा 31अक्टूबर का चंद्रमा के साथ माइक्रो मून भी होगा। अक्टूबर महीने की पूर्णिमा के चांद को हंटर्स मून भी कहते हैं। सुमित बताते हैं कि क्योंकि अक्टूबर की शुरुआत हार्वेस्ट मून से हुई थी ऐसे में अक्टूबर माह की दूसरी पूर्णिमा के चांद को हंटर मून भी कहा जाएगा।

माइक्रो मून, सुपर मून के विपरीत होता है जिसमें चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर की अवस्था अपोगी पर होगा। इस दिन पूर्णिमा के समय चंद्रमा का आकार सुपर मून के चंद्रमा के आकार के मुकाबले 14 प्रतिशत छोटा और 30 प्रतिशत कम चमकीला होगा।

बताते हैं कि एक माह में 30 या 31 दिन होते हैं जिसमें एक पूर्णिमा और एक अमावस्या होती है। किंतुु चंद्रमा का पृथ्वी के चारों और परिभ्रमण काल लगभग 29.5 दिन होता है जिससे हर 18 से 36 महीनों में हमें किसी माह में दो पूर्णिमा होती हैं। इसी दूसरी पूर्णिमा में ब्लू मून प्राप्त होता है।