कॉलोनी आवंटन को लेकर हुआ बड़ा खेल,मोटी रकम लेकर दलाल बाट रहे है कॉलोनी

कॉलोनी आवंटन को लेकर हुआ बड़ा खेल,मोटी रकम लेकर दलाल बाट रहे है कॉलोनी

कॉलोनी आबंटन को लेकर हुआ बड़ा खेल, मोटी रकम लेकर दलाल बांट रहे है कॉलोनी

★प्रधानमंत्री आवास के लिए सालों से भटक रहा पीड़ित

★कई वर्षों से दूसरे की जगह पर तंबू लगाकर रह रहा परिवार

महाराजपुर.केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही आवासीय योजनाओं में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ी धांधली हो रही है जिसमें से जो लाभार्थी हैं जिनको लाभ मिलना चाहिए वहीं योजनाओं से वंचित हैं वहीं जिन के पक्के मकान बने हुए हैं और जो क्षेत्रीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों के आगे पीछे घूमते हैं उनको कई कई बार आवास आवंटित होते हैं आखिर इस तरह से हो रही बड़ी धांधली अधिकारियों को क्यों नहीं दिखती है ऐसी ही एक ताजा मामला महाराजपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुलगांव का है कुलगांव की रहने वाली सुमन गुप्ता पत्नी विनोद गुप्ता ने बताया कि लगभग 2 वर्ष पहले बारिश से उनका मकान पूरी तरह से ढह गया था तथा तब से दूसरे की जमीन पर तंबू तान कर रहे जहां पर रात में जहरीले जानवरों आदि का भी खतरा रहता है महिला ने बताया कि उसका पति है एक कोल्डड्रिंक कंपनी में ₹7000 महीने की नौकरी करता है जिसमें आधा पैसा तो उसके बड़े बेटे के इलाज में खर्च हो जाता है और बाकी बचे पैसों से घर का खर्च चलाता है उन्होंने बताया कि वह इतना सामर्थ नहीं है कि अपने लिए एक कमरा बना सके और ना ही उसके पास कोई जमीन है जिस को बेचकर वह अपना आशियाना तैयार कर सकती है पीड़िता ने बताया कि वह लगभग 1 वर्षों से लगातार नगर निगम विकास भवन तथा अधिकारियों के आवासों के चक्कर काट रही है तथा अपने लिए आवास की मांग कर रही है लेकिन अधिकारियों ने आज तक सुध नहीं ली महिला ने बताया कि उसकी माली हालत को देखते हुए लोग सिफारिश तक नहीं करते हैं खेती जनप्रतिनिधियों एवं पार्षद से भी महिला ने कई बार लिखित तौर पर भी आवास की मांग की लेकिन महिला को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला सवाल यह उठता है कि आखिर में जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिल जाता है जबकि जनप्रतिनिधियों के यह देखिए तो घूमने वालों को सारी सुख सुविधाएं मिल रहे हैं सूत्रों के मुताबिक जानकारी प्राप्त हुई कि क्षेत्र में कॉलोनी दिलाने के नाम पर लाभार्थी से ₹30000 की मांग की जाती तथा बाहर कहीं ना कहने की बात पर उनको कॉलोनी भी आवंटित करवाई जाती है इतने बड़े स्तर पर हो रही धांधली में दलालों के सफेदपोश भी सक्रिय है।