लॉरेंस बिश्नोई अंडरवर्ल्ड की दुनिया का नया खिलाड़ी

 
-p09io-[

आंखों में रौब, चेहरे पर काली दाढ़ी, स्टाइल फिल्मी हीरो वाली... लॉरेंस बिश्नोई अंडरवर्ल्ड की दुनिया का नया खिलाड़ी है

जबसे पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसे वाला की हत्या की गई है, इस चेहरे को हर कोई जूम करके पढ़ना चाहता है। नाम है लॉरेंस बिश्नोई। दाहिने हाथ पर हनुमान जी का टैटू है। यह उसी बिश्नोई समुदाय से ताल्लुक रखता है, जो काले हिरण को पूजता है। ऐसे में सवाल यह है कि 30 साल का यह युवा अपराध की दुनिया का बादशाह बनने की ख्वाहिश क्यों रखता है? मार-धाड़ वाली गैंग्स ऑफ वासेपुर तो सबने देखी होगी लेकिन रीयल में गैंगवॉर की वजह क्या है? अपना दबदबा कायम करने की इस गैंगवॉर में यूट्यूब और कबड्डी भी प्लेग्राउंड बन चुके हैं।

एक साल पहले से ऐसी खबरें आ रही थीं कि पंजाब के चार सिंगर इस गैंग के निशाने पर हैं। इसे देश का सबसे बड़ा गैंगस्टर कहा जाता है। बताते हैं कि लॉरेंस की गैंग में 600 से ज्यादा शार्प शूटर हैं। कम उम्र में ही वह अपराध की दुनिया का 'नया दाऊद' बन बैठा। 1992 में पंजाब के फजिल्का में जन्मे लॉरेंस पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले हैं। परिवार भी काफी समृद्ध है। कहा जाता है कि उसका गैंग पूरे देश में फैला हुआ है। पंजाब, हरियणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में उसका गैंग काफी सक्रिय रहा है। बच्चे बचपन में आईएएस-पीसीएस, डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं लेकिन लॉरेंस डॉन बनना चाहता था। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज पहुंचा तो पहला गैंग यहीं बना लिया।

आज से करीब तीन साल पहले बेंगलुरु में पकड़े गए संपत नेहरा ने खुलासा किया था कि उसे लॉरेंस ने ऐक्टर सलमान खान की हत्या का काम सौंपा था। इसके पीछे की वजह यह पता चली कि लॉरेंस उस बिश्नोई समाज से है जो काले हिरण को पूजते हैं। सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी पाया गया था। लॉरेंस काले हिरण की हत्या का बदला लेना चाहता था। उसने अपनी गैंग का नेटवर्क बढ़ाया और गैंगस्‍टर काला जठेड़ी और नरेश सेठी से हाथ मिलाया। आज के समय में ऐसा माना जाता है कि यह गैंग मेक्सिको, इटली, थाईलैंड और कनाडा में बैठे लोगों के साथ ड्रग तस्करी, हत्या जैसे गैरकानूनी अपराध को अंजाम देता है। नरेश ही वह गैंगस्टर है, जिसने काला जठेड़ी को जुर्म की दुनिया का ककहरा सिखाया।

बिश्नोई की एंट्री ने बदले रूल
लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट ने दिल्ली के अंडरवर्ल्ड में गहरी पैठ बना ली है। अब तक बड़े पैमाने पर गिरोह एक एरिया तक सीमित हुआ करते थे और राजधानी के भीतर के इलाकों में वर्चस्व को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच गैंगवॉर होती थी। जांचकर्ताओं की मानें तो अब तक फाइट जमीन, संपत्ति और सट्टेबाजों व केबल ऑपरेटरों से जबरन वसूली को लेकर थी लेकिन बिश्नोई की एंट्री ने न केवल रूल बदल दिए बल्कि गेम को भी तेज कर दिया। टारगेट किलिंग का आदेश विदेश से आता है, कबड्डी टूर्नामेंट को कंट्रोल करने की कोशिश होती है और पंजाबी गायकों के गाने अपने यूट्यूब चैनलों पर रिलीज कराए जाते हैं। मतलब साफ है कि अंडरवर्ल्ड के लिए चुनौतियां बदलती दिख रही हैं। पंजाबी गानों की लोकप्रियता बढ़ी तो सिंगर भी बढ़ गए और इसमें गैंग्स का दखल भी हुआ। कुछ वैसा ही जैसा मुंबइया फिल्म इंडस्ट्री के बारे में डी कंपनी या अंडरवर्ल्ड को लेकर पहले बातें कही जाती थीं।