खेत में काम करते समय स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा के लिये क्‍या करें और क्‍या न करें

 
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राजीव कुमार, प्रमुख- कृषी विक्री (डोमेस्टिक बिझनेस), बाळकृष्ण इंडस्ट्रीज लि.

एक किसान को बड़ा ही कठोर शारीरिक श्रम करना पड़ता है और किसान को हमेशा अपनी असाधारण कड़ी मेहनत पर गर्व होता है। खेत में रोजाना की गतिविधियाँ करने के लिये आपकी शारीरिक स्थिति सबसे बेहतर होनी चाहिए और सेहत भी दुरुस्‍त होना बेहत जरूरी है। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कृषी विभाग (डोमेस्टिक बिझनेस) प्रमुख राजीव कुमार कुछ मौलिक सुझाव दे रहे हैं, जिन्‍हें अपनाकर खेत में काम करते समय सभी की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जा सकती है:

1) बच्‍चों को खेत में भारी कामों वाले उपकरणों के पास न जाने दें: किसान को ताकतवर मशीनरी के साथ भारी काम करना पड़ता है और केमिकल्‍स के छींटे भी झेलने पड़ते हैं। बच्‍चों को खेत से दूर रखना नितांत महत्‍वपूर्ण है और सात साल से कम उम्र के बच्‍चे को किसी भी स्थिति में ट्रैक्‍टर, हारवेस्‍टर या फार्म व्‍हीकल के कैब में नहीं बैठाना चाहिये, चाहे उसमें पैसेंजर सीट दी गई हो या नहीं। बच्‍चों को खेत के खतरनाक जानवरों, जैसे सांड और बैल के पास भी नहीं जाने देना चाहिये। इसके अलावा, बच्‍चे को खेत में इस्‍तेमाल की जाने वाली किसी भी मशीनरी के पास नहीं जाने देना चाहिये।

2) ट्रैक्‍टर और मशीनरी के मामले में पूरी सावधानी रखें: इंजन चालू होने पर ट्रैक्‍टर की सीट कभी न छोड़ें, क्‍योंकि यह खतरनाक और जोखिमपूर्ण हो सकता है। मशीनरी के पास काम करते समय ढीले या फटे हुए कपड़े भी नहीं पहनने चाहिये, क्‍योंकि वे आपको बड़े जोखिम में डाल सकते हैं। इसके अलावा, बिजली के तारों के पास हाई वोल्‍टेज वाले उपकरण का इस्‍तेमाल न करें।

3) कीटनाशकों का इस्‍तेमाल करते समय सुरक्षा के कई उपाय करना जरूरी है: अपने आस-पास की जगह को सुरक्षित करें और सुनिश्चित करें कि कीटनाशक के छिड़काव के समय आपके पास कोई न खड़ा हो। कीटनाशक बनाने वाली कंपनी द्वारा अपने मैनुअल/पैकेजिंग पर दिये गये सभी निर्देशों को मानना भी पूरी तरह से जरूरी है। कीटनाशक में मिलाने के लिये पानी की बताई गई मात्रा लें। जरूरत से कम पानी लेने पर कीटनाशक आपके और खेत के लिये हानिकारक हो सकता है। सुनिश्चित करें कि कीटनाशक का इस्‍तेमाल करने वाला हर व्‍यक्ति छिड़काव के तुरंत बाद अपने हाथों और चेहरे को धोये और अच्‍छे से नहाए। बच्‍चे को कभी कीटनाशक के पास न जाने दें, पॉइजनिंग होने पर तुरंत स्‍थानीय अधिकारियों को सूचित करें। सुबह के समय कीटनाशकों का छिड़काव करने में समझदारी है, क्‍योंकि उस समय बहुत तेज हवाएं नहीं चलती हैं। जब तेज हवाएं न चल रही हों, तब केमिकल्‍स का छिड़काव करने से छिड़काव हवा के बहाव से विपरीत नहीं होता है और उसके सांस में जाने की संभावना काफी कम रहती है।

4) हमेशा ध्‍यान रखें कि पानी के स्रोत, टंकियाँ और कुएं सुरक्षित आड़ में हों: खेत के भीतर टंकी और जलाशय सही आड़ में हों, यह सुनिश्चित करना महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि इससे डूबने या सांस रूकने के कारण होने वाली मौत नहीं होगी।

5) मैनुअल को पढ़ें और उसके अनुसार काम करें: हर उपकरण के मैनुअल को हमेशा पूरा पढ़ें। आपका नया ट्रैक्‍टर, नई मशीनरी या नया टायर पुराने से काफी अलग तरह से काम कर सकता है। अच्‍छी तरह सुनिश्चित करें कि खेत पर आप और सारे कामगार निर्देशों और नियमों का पूरी तरह पालन करें। 

6) उपकरण का चयन: अपनी फसल और खेत के लिये सर्वश्रेष्‍ठ उपकरण चुनना महत्‍वपूर्ण है। इसमें आपके कीटनाशकों के लिये सही आकार के नोज़ल्‍स का चुनाव और रिसाव करने वाले या खराब उपकरण के इस्‍तेमाल से बचना शामिल है। कीटनाशक और खरपतवार नाशक के लिये अलग-अलग स्‍प्रेयर का इस्‍तेमाल करना चाहिये।

किसान अपनी फसल, खेत और उपकरणों की पूरे दिल और मन से देखभाल करता है, लेकिन अपनी और परिवार की भलाई का ध्‍यान रखना भी बहुत जरूरी है। इसलिये खेत में स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा के सर्वश्रेष्‍ठ उपाय करने चाहिये, ताकि भरपूर फसल हो और परिवार के जीवन में समृद्धि आए, ऐसे बीकेटी के कृषी विक्री प्रमुख राजीव कुमार का कहना है.