नगर पालिका कालपी की खुली नीलामी

नगर पालिका कालपी की खुली नीलामी

नगर पालिका कालपी की खुली नीलामी
*नगर पालिका की नवनिर्मित १५ दुकानों की हुई खुली नीलामी* *नगर पालिका को दुकानों की नीलामी से सवा करोड़ रुपये राजस्व हुआ प्राप्त* *आस लगाये मध्य वर्ग के लोगों को नही मिला लाभ बडे व्यवसाइयों आगे रहे मायूस* ========================= *कालपी (जालौन) नगर पालिका परिषद मार्केट की नवनिर्मित 15 दुकानों की खुली नीलामी उपजिलाधिकारी जयेन्द्र कुमार IAS की मौजूदगी में सोमवार को पालिका प्रांगण में की गई।नीलामी में पालिका को करीब सवा करोड़ रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई है*। *नगर पालिका प्रांगण में उपजिलाधिकारी जयेन्द्र कुमार की मौजूदगी मे अधिशाषी अधिकारी सुशील कुमार द्वारा 11 बजे शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया में दुकान नंबर 30 को लेकर भारी गहमा गहमी रही साढ़े 18 लाख रुपए में भारत सिंह पुत्र पर्वत सिंह के नाम पर फाइनल हुई। इंद्रानगर निवासी कृष्णपाल सिंह चौहान के नाम दुकान न ० 17 की 14 लाख रुपए में बोली टूटी। अमित पांडेय के नाम दुकान न 18 की नीलामी 8 लाख 25 हजार रूपए में फाइनल हुई। दानिश के नाम दुकान नं०24 की नीलामी 7 लाख 50 हजार रूपए में खत्म हुई वहीं मु० हसीब के नाम दुकान न.23 की नीलामी 7 लाख 25 हजार रूपए में फाइनल हुई। दुकान न.26 की नीलामी सुधीर यादव के नाम 7 लाख 50 हजार में फाइनल हुई। नगर पालिका अध्यक्ष की पुत्र बधू रामदेवी के नाम अनुसूचित जाति आरक्षित दुकान नं.16 मात्र चार लाख रुपए में पक्ष में हुई। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।इसी प्रकार दुकान 25 विजयसिंह के पक्ष में 8 लाख 90 हजार रूपए में, दुकान न. 27 ऋतुराज के पक्ष में 8 लाख रुपए में, दुकान न. 28 विपिन के पक्ष में साढ़े सात लाख रुपए में, दुकान न. 29 पारस के पक्ष में आठ लाख 70 हजार रूपए में, दुकान न.19 महेंद्र के पक्ष में,सात लाख रुपए में, दुकान न 20 कमलेश के पक्ष में 14 लाख 10 हजार रूपए में, दुकान न०22 अरुण कुमार के पक्ष में 3 लाख 90 हजार रूपए बोली फाइनल हुई। वही मध्यवर्ग के लोगों को दुकानों का लाभ नही मिल पाया ! बडे व्यवसाईयों के आगे मध्यवर्ग के लोग बोली नही बोल सके तथा मायूस नजर आये*! ---------------------------------------------- *फोटो-उपजिलाधिकारी व अधिशाषी अधिकारी के समक्ष दुकानों की नीलामी बोलते व्यवसायी* ---------------------------------------------- =========================