समाज को जागरूक करने के लिए ऑनलाइन सेवाएं

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प्रेस विज्ञप्ति उरई दिनांक 03 नबम्वर 2020(सू0वि0)। अब उद्यमियों को 72 घंटे में मिलेगा उद्यम स्थापना हेतु स्वीकृति प्रमाण पत्र जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र जालौन स्थान उरई ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि उद्यमियों को नया काम शुरू करने के लिए अब विभिन्न विभागों के चक्कर नही लगाने होंगे। फिलहाल अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने में उनका काफी समय खराब होता है। कई बार परेशान उद्यमी नया काम छोडने का मन तक बना लेता है। इसके मद्देनजर नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब उद्यमियों को केवल जिला उद्योग केन्द्र, जालौन (डीआइसी) में आवेदन करना होगा । जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति 72 घंटे में काम शुरू करने के लिए स्वीकृति प्रमाण पत्र दे देगी और उद्यमी नया कारखाना लगा सकेंगें । बकौल जिला उद्योग केंन्द्र के उपायुक्त श्री योगेश कामेश्वर, नया उद्योग शुरू करने वालों को कई दिक्कतें होती है। अग्निशमन, प्रदूषण, श्रम आदि विभागों से एनओसी लेनी पडती है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लद्युु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) एक्ट में कुछ संशोधन किए है। अब नये उद्योग लगाने वालों को विभिन्न विभागों से एनओसी लेने की जरूरत नही होगी। केवल डीआईसी में आकर आफलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद जिलाधिकारी की अघ्यक्षता में बनी समिति 72 घंटे में स्वीकृति पत्र दे देगी। इससे उद्यमी काम शुरू कर सकते है। उनको विभिन्न विभागों से एनओसी लेने के लिए एक हजार दिन का समय मिलेगा। इस दौरान कोई भी विभाग जांच के नाम पर परेशान नही करेगा । एक हजार दिन पूरे होने के बाद जांच के दौरान विभागों को एनओसी दिखानी होगी। फिलहाल डीआइसी में आवेदन की प्रक्रिया आफलाइन होगी। इसका नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इसके बाद उद्यमी डीआइयूपीएमएसएमई और निवेश मित्र पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगें। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, जालौन स्थान उरई में चल रही ऋण सम्बंन्धित योजनाऐ -ःयोजना का नाम-प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रमः- भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को नई इकाई स्थापित करने हेतु उद्योग क्षेत्र में अधिकतम रू0 25.00 लाख व सेवा क्षेत्र में रू0 10.00 लाख तक का ऋण देने का प्राविधान है। इस योजना के अन्तर्गत सामान्य जाति (पुरूष) के व्यक्ति को 10 प्रतिशत व अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/महिला/विकलांग को प्रोजेक्ट लागत का 5 प्रतिशत स्वंय का अंशदान बैंक में जमा करना होता है। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत/वितरण के उपरान्त प्रोजेक्ट लागत का सामान्य जाति के व्यक्ति को शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत व अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/महिला/विकलांग को 25 प्रतिशत अनुदान देय होता है तथा ग्रामीण क्षेत्र में क्रमशः 25 व 35 प्रतिशत अनुदान देय होता है। योजनान्तर्गत आवेदन से लेकर चयन तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया आनलाईन हेै, आवेदन करने हेतु योजना की वेवसाइट ूूूणअपबवदसपदमण्हवअण्पद पर च्डम्ळच् योजना का चयन करते हुये आवेदक द्वारा आनलाईन आवेदन किया जा सकता है। आवेदक अथवा उसके परिवार में से किसी ने भी पूर्व में योजनान्तर्गत छूट का लाभ न लिया हो। -ःमुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाः- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के हाईस्कूल पास व्यक्तियों को नई इकाई स्थापित करने हेतु उद्योग क्षेत्र में अधिकतम रू0 25.00 लाख व सेवा क्षेत्र में अधिकतम रू0 10.00 लाख तक का ऋण बैंको के माध्यम से प्रदान कराये जाने का प्राविधान है। इस योजना के अन्तर्गत सामान्य जाति (पुरूष) के व्यक्ति को 10 प्रतिशत व अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/महिला/विकलांग को प्रोजेक्ट लागत का 5 प्रतिशत स्वंय का अंशदान बैंक में जमा करना होता है। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत/वितरण के उपरान्त प्रोजेक्ट लागत पर 25 प्रतिशत अनुदान देय होता है। योजनान्तर्गत आवेदन से लेकर चयन तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया आनलाईन हेै, आवेदन करने हेतु योजना की वेवसाइट ूूूण्कपनचउेउमण्नचेकबण्हवअण्पद पर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगा योजना का चयन करते हुये आवेदक द्वारा आनलाईन आवेदन किया जा सकता है। आवेदक अथवा उसके परिवार में से किसी ने भी पूर्व में योजनान्तर्गत छूट का लाभ न लिया हो। किस प्रकार के कार्यो के लिए लोन लिया जा सकता है। उत्पादन(मैन्यूफैक्चरिगं) हेतु मसाले बनाना, वैल्डिंग कार्य, रेडीमेड गारमेन्ट उद्योग, आटा मिल, आयल मिल, दाल मिल, चावल मिल, बिजली के उपकरण बनाना, मिनरल वाटर प्लान्ट, दूध से बने उत्पाद जैसे-पनीर, दही आदि डेेरी उद्योग, अगरबत्ती बनाना, लकडी अथवा स्टील के फर्नीचर बनाना, कागज के कप तथा प्लेट बनाना इत्यादि । सेवा(सर्विस) क्षेत्र के कार्यः- टेन्ट हाउस, ब्यूटी पालर, कम्प्यूटर सेन्टर, मोबाइल रिपेयरिंग, ओटोमोबाइल सर्विस सेन्टर इत्यादि। -----------------------------------