संशोधित *पोषण शपथ के साथ राष्ट्रीय पोषण माह-2020 हुआ सम्पन्न।* *पोषण वाटिका और जन जागरूकता कार्यक्रमों पर रहा विशेष जोर*

संशोधित *पोषण शपथ के साथ राष्ट्रीय पोषण माह-2020 हुआ सम्पन्न।*   *पोषण वाटिका और जन जागरूकता कार्यक्रमों पर रहा विशेष जोर*

संशोधित
*पोषण शपथ के साथ राष्ट्रीय पोषण माह-2020 हुआ सम्पन्न।* 
 *पोषण वाटिका और जन जागरूकता कार्यक्रमों पर रहा विशेष जोर* 

*ब्यूरो चीफ लालता प्रसाद गंगवार की खास रिपोर्ट रामपुर से*

भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार 07 सितंबर से 30 सितंबर 2020 तक चलने वाला राष्ट्रीय पोषण माह पोषण शपथ के साथ संपन्न हुआ।
 पूरे पोषण माह के दौरान जिलाधिकारी श्री आन्जनेय कुमार सिंह के निर्देशों के अनुसार जनपद के परिषदीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भारी संख्या में पोषण वाटिकाएं बनाई गई तथा आमजन ने भी पोषण वाटिका बनाने में रुचि ली तथा अपने घरों में पोषक तत्वों से युक्त विभिन्न पौधों का रोपण करके शासन की पोषण वाटिका से जुड़ी पहल में अपना योगदान दिया। जिलाधिकारी ने विकासखंड स्वार के नरपतनगर में पोषण वाटिका में पौधरोपण करके पोषण माह का शुभारंभ किया था, जिसके बाद वृहद स्तर पर जनपद में पोषण वाटिकाएं बनाए जाने तथा उनकी देखभाल के लिए अभियान चला।
पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए घर-घर जाकर लोगों को सुपोषण के लिए विभिन्न तरीके बताएं। वही केंद्रों पर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसकी समय-समय पर अधिकारियों ने औचक निरीक्षण करके सराहना भी की।  मुख्य विकास अधिकारी ने भी पूरे अभियान के दौरान नियमित भ्रमण करके जनपद के दूरदराज के गांव में पहुंचकर पोषण माह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों की भौतिक स्थिति के सुधार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अपने भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, बच्चों को पोषण पोटली और पौधरोपण  कार्यक्रम में सम्मिलित होकर लोगों को यह बताया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए सुपोषण का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है।  एक सुपोषित मां की सुपोषित बच्चे को जन्म दे सकती है और मां को सुपोषित होने के लिए किशोरी बालिकाओं का सुपोषित होना बेहद जरूरी है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश कुमार ने बताया कि पूरे माह के दौरान सैम व मैम बच्चों को चिन्हित करने के साथ ही कुछ अभिनव गतिविधियां भी की गई जिनमें पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली, मेहंदी प्रतियोगिता सहित अन्य ऐसी गतिविधियां की गई जिनमें किशोरियों, महिलाओं एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कराते हुए उन्हें शासन की कुपोषण से लड़ने की इस जंग में सहभागी बनाया गया। इसके साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए विभिन्न तरीके भी बताए गए।
ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया गया वहीं किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को आयरन एवं विटामिन की टेबलेट भी प्रदान की गई। लोगों को पोषण की गतिविधियों के बारे में व्यापक जागरूकता के लिए जनपद में दो एलईडी वेन संचालित कराई गई जो नियमित रूप से भ्रमण करके जनपद के दूरदराज के गांवों में लोगों को पोषण के लिए जरूरी उपाय और सुपोषण के फायदे के बारे में जागरूक कर रही हैं।
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जिला सूचना अधिकारी, रामपुर​