कल से शुरू होगा 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग का वैक्सीनेशन

बूस्टर डोज को भी मिली इजाजत
 
वैक्सीनेशन
कोरोना वायरस

देश में कोरोना महामारी एक बार फिर से सिर उठा रही है। इसके साथ ही देश में इसके नए वैरिएंट ओमिक्रोन का भी खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब तक देश के अधिकतर राज्‍यों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। इसकी संक्रमण की रफ्तार अन्‍य वैरिएंट के मुकाबले कहीं अधिक है। इसको देखते हुए टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। इसके साथ ही 15 से 18 वर्ष की आयुवर्ग के टीकाकरण के लिए रजिस्‍ट्रेशन 1 जनवरी से शुरू हो चुका है। अब बारी है वैक्‍सीन लगने की जो 3 जनवरी से होगी।

इस आयुवर्ग को वैक्‍सीन देने की शुरुआत के साथ ही महामारी पर एक और बड़ी चोट की जाएगी। आपको बता दें कि देश में अब तक करीब 90 फीसद योग्‍य लोगों को कोरोना रोधी टीके की एक या दोनों खुराक दी जा चुकी हैं।वैक्‍सीनेशन के मामले में भारत कई देशों से आगे है और उम्‍मीद है कि इस वर्ष हम वैक्‍सीनेशन के दो अरब के आंकड़े को भी पार कर लेंगे। 

बहरहाल, आपको यहां पर ये भी बता दें कि देश में बूस्‍टर डोज की भी इजाजत दे दी गई है। इसकी शुरुआत सबसे पहले हेल्‍थ वर्कर्स और उन 60 वर्ष से अधिक के लोगों से की जाएगी जिन्‍हें इसकी सख्‍त जरूरत है। 60 वर्ष से अधिक के लोगों को डाक्‍टर की सलाह पर ही ये दी जाएगी। वहीं यदि बात करें 15-़18 वर्ष के आयुवर्ग की तो वो अपना रजिस्‍ट्रेशन आसानी से कोविन एप पर करा सकते हैं। 

वैक्‍सीनेशन के इस चरण में उन बच्‍चों को टीका लग सकेगा जिनका जन्‍म जनवरी 2003 के बाद हुआ है। महामारी को नियंत्रण में लाने के हिसाब से ये एक बड़ा अभियान और कदम है। ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए केंद्र की तरफ से तीन जनवरी से इसकी शुरुआत करने के दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। 

इस चरण की शुरुआत से पहले केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि बच्चे सुरक्षित हैं तो देश का भविष्य सुरक्षित है! वैक्‍सीनेशन के इस नए चरण के लिए अब तक करीब 3.15 लाख से अधिक बच्‍चों का रजिस्‍ट्रेशन शनिवार रात तक किया जा चुका है। तीन जनवरी से इन बच्‍चों को भारत बायोटेक कंपनी द्वारा तैयार की गई कोवैक्सिन की खुराक दी जाएगी। इसकी दूसरी खुराक 28 दिन के बाद दी जाएगी।