कोविड की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक

कोविड की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक

देश में एक बार फिर सभी मुद्दे को पीछे छोड़ते हुए सभी का ध्यान कोरोना वायरस पर है। कोविड की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक दिखाई दे रही है। 2020 में हालांकि लोगों में वायरस को लेकर खौफ था और मामले उतने नहीं पहुंचे थे कि जितने अब हर रोज आ रहे हैं। पिछले कई दिनों से एक लाख से ऊपर मामले आ रहे हैं। पहले लगे लॉकडाउन में गरीबों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी थी और ज्यादातर सभी के धंधे चौपट हो गए थे। जनता एक और लॉकडाउन झेलने को तैयार नहीं है, लेकिन लापरवाही के कारण नए मामलों में बढ़ोतरी होते देख देश में पिछले साल जैसे हालात बन गए हैं। स्कूल-कॉलेज बंद, लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू प्रभाव में हैं। पिछली बार कोरोना से जंग में हमारे पास वैक्सीन नहीं थी, इस बार है, लेकिन कई राज्य कह रहे हैं कि उनके पास ना के बराबर टीके मौजूद है, जो चिंता का विषय है। वहीं, आज कई जिलों में लॉकडाउन लग जाएगा। वहीं, मुंबई के कई रेलवे स्टेशन पर प्‍लेटफॉर्म टिकट पर रोक लगा दी है। 

नवरात्रि, उगादि, गुड़ी पड़वा, बैसाखी आदि के आगामी त्यौहारों से पहले कई शहरी क्षेत्रों में ताले लगने वाले हैं। अप्रैल के मध्य में महामारी की चल रही दूसरी लहर के चरम पर होने से स्थानीय प्रतिबंध, मिनी लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू पहले ही चालू हैं लेकिन जैसा कि भारत में हर दिन नए मामलों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं, इससे लॉकडाउन के तहत आने वाले शहरों की सूची लंबी होने जा रही है। हालांकि, पूर्वोत्तर राज्य दूसरी लहर से अछूते साबित हुए हैं और स्थानीय प्रतिबंध से मुक्त हैं।