तीन दिनों में पिछड़ी जाति के सातवें विधायक ने छोड़ी भाजपा

पिछड़ा वर्ग के 7 वें नेता ने दिया इस्तीफा
 
विधानसभा चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव 2022

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान से पहले नेताओं का पाला बदलने का सिलसिला जारी है। इसमें सर्वाधिक संख्या भारतीय जनता पार्टी को छोडऩे वालों की होती जा रही है।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में ओबीसी वर्ग के नेताओं में भगदड़ मच गई है। फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से भाजपा के विधायक डा. मुकेश वर्मा ने गुरुवार को पार्टी छोड़ दी है। डा मुकेश वर्मा पिछड़ा वर्ग के सातवें ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया है।

फिरोजाबाद के शिकोहाबाद से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डा. मुकेश वर्मा ने विधानसभा की सदस्यता के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य तथा दारा सिंह चौहान के साथ डा. मुकेश वर्मा पिछड़ा वर्ग के सातवें ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने भाजपा से इस्तीफा दिया है। वह पिछले तीन दिनों में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने वाले सातवें हैं।

पिछड़ी जाति के नेता मुकेश वर्मा ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके नेता हैं और वह जहां भी जाएंगे, उनका अनुसरण करेंगे। वर्मा ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में उनके साथ और भी कई नेता जुड़ेंगे। वर्मा ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य हमारे नेता हैं। वह जो भी फैसला लेंगे हम उसका समर्थन करेंगे। आने वाले दिनों में भाजपा के कई अन्य नेता हमारे साथ आएंगे।

शिकोहाबाद भाजपा विधायक डा मुकेश वर्मा ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ जाने का एलान किया है। डा. वर्मा 2017 में बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने इसके बाद उनको शिकोहाबाद से चुनाव के मैदान में उतारा था। डा. मुकेश वर्मा पहली बार विधायक बने थे। उन्होंने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह अपनी इस्तीफा भेजा है। इस बार उनका टिकट कटने की चर्चा भी काफी तेज थी। पिछड़ा वर्ग के नेताओं की इस भगदड़ से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी हैरान है। बीते वर्ष ही शिकोहाबाद से भाजपा विधायक डा. मुकेश वर्मा कोरोना से संक्रमित हो गए थे।