बॉर्डर पर जमीन के लिए भिड़े यूपी-हरियाणा के किसान हुआ खूनी संघर्ष, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल।

बॉर्डर पर जमीन के लिए भिड़े यूपी-हरियाणा के किसान हुआ खूनी संघर्ष, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यमुुना के किनारे बसे जिलों में सीमा विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हरियाणा-यूपी को जोड़ने वाले सीमा के आखिरी जिले बागपत में गुरुवार को बड़ा बवाल हो गया। खादर की करीब 2500 एकड़ खेतिहर जमीन के लिए हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों पर हमला बोल दिया। यूपी की सीमा में घुसे हरियाणा के किसानों ने न सिर्फ लाठी-डंडों और तलवारों से हमला किया। बल्कि वहां काम कर रहे किसानों पर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया।

कई लोग घायल, कुछ ही हालत गंभीर
बताया जा रहा है कि इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं। कुछ की हालत गंभीर है। वहीं, एक दिन पहले भी बागपत में ही छपरौली थाना क्षेत्र के टांडा गांव में हरियाणा और यूपी के किसानों में जमकर संघर्ष हुआ था। सूचना पाकर छपरौली व अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। जिसे देखकर हरियाणा के ग्रामीण वहां से भाग गए। पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। इस बारे में छपरौली थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा का कहना है कि सीमा पर स्थित विवादित भूमि को लेकर झगड़ा हुआ है।

हरियाणा में थाना बापौली के गांव खोजकीपुर निवासी सैकड़ों किसानों ने बागपत में टांडा गांव के किसानों पर हमला बोल दिया। इसमें वाशिद पुत्र कमरुद्दीन गंभीर रूप से घायल हुआ है। एक महिला समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं। खोजकीपुर गांव का सुखबीर पुत्र भुल्लन भी इस झगड़े में घायल हुआ है।

सीएचसी में भर्ती वाजिदा पत्नी यामीन ने बताया कि वह और टांडा गांव के अन्य किसान खेतों में काम करने गए हुए थे। तभी खोजकीपुर गांव के सैकड़ों व्यक्तियों जिनके हाथों में लाठी, बल्लम, भाले, फरसे व तमंचे समेत अन्य धारदार हथियार भी थे, ने उन पर हमला बोल दिया। एक ट्रैक्टर सवार व्यक्ति ने तो वाशिद पुत्र कमरुद्दीन के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। झगड़े में परवेज पुत्र शाहीन, वाजिदा पत्नी यामीन, नोमान पुत्र अकबर, माजिद पुत्र फरीदुद्दीन को भी गहरी चोटें आई हैं। वही इस दौरान हुए दोनों पक्षो में संघर्ष का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

2500 हेक्टेयर जमीन के लिए है झगड़ा
यह सीमा विवाद करीब 2500 हेक्टेयर भूमि को लेकर उलझा हुआ है । कुछ भूमि जो उत्तरप्रदेश की है, उसका हिस्सा हरियाणा की तरफ तो कुछ हरियाणा की भूमि यूपी की तरफ है। इसमे सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से सर्वे होकर अभी पिलर लगाना बाकी है । यह सीमा विवाद बागपत ही नही बल्कि गौतमबुद्ध नगर, शामली, अलीगढ़, सहारनपुर समेत कई जनपदों की सीमाओं से भी जुड़ा हुआ है। इसमे सीएम लेवल पर भी बैठकें की जा चुकी है।

मंथन के बाद भी नहीं निकल सका हल
दोनों राज्यो की सीमाओं से गायब पिलर की वजह से किसानों के बीच ये विबाद बना हुआ है। वर्षों से चली आ रही यूपी-हरियाणा सीमा विवाद को निपटाने के लिए दोनों ही राज्यों के अधिकारी व सरकारें मीटिंग कर पहले भी कई बार मंथन कर चुकी हैं। लेकिन, आजतक इस सीमा विवाद का कोई हल निकाल नहीं सके।

बैठक कर दोनों राज्यों के किसानों को समझाने का प्रयास करेंगे अधिकारी
एडीएम बागपत अमित कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी प्रक्रिया चल रही है। शासन व अधिकारी लेवल पर भी मीटिंग की जा रही है। हरियाणा के अधिकारियों से फ़ोन पर भी लगातार सम्पर्क किया जा रहा है। जल्द ही दोनो सीमाओं के किसानों की एक बैठक कराकर उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा। जिससे आपस मे विवाद या कोई बड़ी अनहोनी न हो ।