गुजरात में पुल टूटने से 81 की मौत, बचाव कार्य अब भी जारी

 
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गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी में एक केबल पुल के टूटने से कई लोगों की मौत हुई है। बताया गया है कि जिस वक्त पुल टूटा उस वक्त करीब 400 लोग पुल पर ही थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में कम 81 लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हैं। पीएम मोदी ने भी घटना को लेकर अधिकारियों से तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सिलसिले में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से बात की और घटना पर निगरानी रखने के लिए कहा। 

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सीएम भूपेंद्र पटेल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सरकारी एजेंसियां राहत कार्य कर रही हैं। एनडीआरएफ, नेवी और एयरफोर्स यहां मौजूद रहेंगे। जांच बहुत गंभीरता से की जाएगी और हम सभी आवश्यक कार्रवाई करेंगे। संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने बचाव अभियान चलाने के लिए व्यापक समर्थन दिया है। एसडीआरएफ और पुलिस पहले से ही मौके पर मौजूद है। पुल की प्रबंधन टीम पर आईपीसी की धारा 304, 308 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है। संघवी ने घटनास्थल का भी दौरा किया। 

सीएम पटेल पहुंचे घटनास्थल 
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल मोरबी में घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे में अब तक करीब 81 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम भूपेंद्र पटेल मोरबी सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां केबल ब्रिज गिरने से घायल हुए मरीजों को भर्ती कराया गया है। 

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनमें से कई को इलाज के बाद उनके घर भी भेज दिया गया है। खोज एवं बचाव अभियान जारी है। नदी से शव निकालने का काम जारी है। 

आर्टिलरी ब्रिगेड से डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पहुंचा
रक्षा अधिकारी ने कहा कि ध्रांगधरा के पास एक आर्टिलरी ब्रिगेड से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित भारतीय सेना की एक टीम पहले ही मोरबी में दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और बचाव और राहत कार्यों में जुटा है। डॉक्टरों और अन्य राहत सामग्री के साथ सेना की एक और टीम शीघ्र ही घटनास्थल पर पहुंच रही है। 

रक्षा अधिकारी ने कहा कि गुजरात के जामनगर में भारतीय नौसेना स्टेशन वलसुरा ने बचाव अभियान के लिए 40 से अधिक कर्मियों की एक टीम भेजी है, जिसमें समुद्री कमांडो और नाविक शामिल हैं जो अच्छे तैराक हैं। 

पांच दिन पहले ही खोला गया था पुल 
अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में मरम्मत के बाद जनता के लिए पांच दिन पहले ही फिर से खोले गए इस पुल पर रविवार की छु्टी होने के कारण काफी भीड़ थी। अफसरों के मुताबिक, रविवार को पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया। मोरबी सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ प्रदीप दुधरजिया ने कहा कि हमारे अस्पताल में अब तक कई शव लाए जा चुके हैं। 

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, हम नावों की मदद से बचाव कार्य कर रहे हैं। नदी में करीब 40-50 लोग हैं। एक निजी संचालक ने लगभग छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था। पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था।

पीएम मोदी ले रहे घटना की पल-पल की जानकारी
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना के संबंध में मुख्यमंत्री पटेल और अधिकारियों से बात की। मोदी इस समय , गुजरात में हैं। पीएमओ ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) बचाव अभियान के लिए दलों को तत्काल तैनात करने को कहा है। उन्होंने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने को कहा है।’’

पीएम मोदी ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।  गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये की मदद का एलान किया है।