चमोली हादसा: शुरू हुआ दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन, बना परेशानी सुरंग में मलबा

चमोली हादसा: शुरू हुआ दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन, बना परेशानी सुरंग में मलबा

उत्तराखंड में रविवार को चमोली जिले स्थित ऋषिगंगा में आई बाढ़ से पैदा हालात से निपटने के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य पुलिस के एक हजार से अधिक जवानों को बचाव और राहत अभियान में लगाया गया। 

इस आपदा में तपोवन-रैणी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले करीब 100-150 कर्मी अभी भी लापता हैं। ग्लेशियर टूटने के चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। ऋषिगंगा प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का अभियान रविवार देर रात नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण रोकना पड़ा है।

जिस पर एसडीआरएफ की पांच टीमों को तत्काल जोशीमठ रवाना किया गया। साथ ही श्रीनगर, ऋषिकेश, जोशीमठ में टीमों को अलर्ट स्थिति में रखा गया। हादसे की वजह से रैणी गांव के पास बीआरओ का लगभग 90 मीटर लंबा पुल भी आपदा में बह गया। ऋषिगंगा पर स्थित यह पुल सीमावर्ती क्षेत्र मलारी को जोड़ता है, 

लेकिन इसके टूटने से फिलहाल यह क्षेत्र सड़क संपर्क मार्ग से अलग हो गया है। इसके अलावा चार अन्य झूला पुल भी बह गए। इसकी वजह से आसपास के गांवों का संपर्क भी टूट गया है। आपदा की वजह से ऋषिगंगा व धौलीगंगा के 17 गांवों का जिले से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इनमें छह गांव ऐसे भी हैं जो सर्दियों में बर्फबारी के चलते माइग्रेट कर लेते हैं।

बचाव कार्य के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ सहित एसडीआरएफ के जवानों ने सोमवार सुबह से दोबारा रेस्क्यू कार्य शुरू किया।  सुरंग के अंदर गाद भरी होने से बचाव कार्य में जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। 

बता दें कि  एनडीआरएफ के साठ जवानों की एक टुकड़ी पहले ही सड़क मार्ग से चमोली रवाना हो चुकी है।एसडीआरएफ के मुताबिक ग्लेशियर टूटने की घटना रविवार सुबह 10: 50 बजे जोशीमठ से करीब 15 किमी की दूरी पर स्थित रेणी गांव के करीब हुई। ग्लेशियर के टूटने से ऋषिगंगा प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया।

ऋषिगंगा, धौली, के संगम से तपोवन प्रोजेक्ट स्थल करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है। सैलाब को यहां पहुंचने में करीब आधा घंटा लगा। इस दौरान 26 मजूदर और कर्मचारी परियोजना की सुरंगों में और 142 मजदूर व कर्मचारी साइटों में काम कर रहे थे। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इनमें से ज्यादातर लोग नदी में आए सैलाब का शिकार हो गए। रेस्क्यू टीमों ने देर शाम तक तपोवन में सुरंगों में फंसे लोगों में 25 को सुरक्षित निकाल लिया। जबकि दूसरी सुरंग में फंसे लोगों की तलाश जारी है।