टिहरी जिले में बादल फटने से 10 दुकानों के साथ आईटीआई भवन मलबे में तब्दील

टिहरी जिले में बादल फटने से 10 दुकानों के साथ आईटीआई भवन मलबे में तब्दील

टिहरी जिले में बादल फटने से देवप्रयाग में बरसाती नदी में उफान से 10 दुकानों के साथ ही आईटीआई भवन मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही इन दिनों कोविड क‌र्फ्यू के चलते बाजार बंद था। इससे जान का नुकसान नहीं हुआ। एसडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों से संपर्क कर हालात का जायजा लिया और जिला प्रशासन से नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। वहीं, भरपूर पट्टी के बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पैदल मार्ग और कुछ खेत बह गए। मंगलवार शाम बौठ गांव में भी बादल फटने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तीन दुकानें भी ध्वस्त हो गई।

घटना मंगलवार शाम करीब पांच बजे की है। देवप्रयाग से कुछ दूर दशरथ पर्वत के आसपास बादल फटने से देवप्रयाग बाजार के बीच से बहने वाली शांता नदी में उफान आ गया। पहाड़ से बहकर आए विशाल पत्थर और मलबे की चपेट में आने से दुकानें ध्वस्त हो गईं। इनमें ज्वैलरी शाप, कंप्यूटर सेंटर, मिठाई और फर्नीचर की दुकानें शामिल हैं। इस दौरान बाजार में मौजूद एक सुरक्षा कर्मी ने भागकर जान बचाई। 

तेज बहाव में बस अड्डे की ओर आने वाला रास्ते पर बनी पुलिया भी बह गई। अचानक आए उफान से कस्बे के लोग दहशत में हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने बताया कि कुछ देर में नदी का उफान शांत हो गया। मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है। इसके अलावा टिहरी जिले में ही नरेंद्रनगर ब्लॉक के दोगी पट्टी क्षेत्र के ग्राम पंचायत क्यारा में अतिवृष्टि से तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। ग्राम प्रधान सुल्तान सिंह के अनुसार तेज बारिश के बीच गांव के पास बह रही बरसाती नदी में बाढ़ आने से नुकसान हुआ है। दहशत में ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर चले गए। हालांकि शाम तक लोग गांव लौट गए।