UP की इस जिले में फैला इश्क का रोग! 9 महीने में प्रेमी संग घर से भागी 564 लड़कियां

 
Gi hi jo
यूपी के हरदोई में लड़कियों के ऊपर प्यार का बुखार बेहद हावी है। जहां अपने मां-बाप की इज्जत को ताक पर पिछले 9 महीने में 564 लड़कियां अपने प्रेमी संग फरार हो गई हैं। पुलिस के मुताबिक, लड़कियों के भागने के बाद उनके मां बाप पुलिस और कचहरी के चक्कर लगाने लगते हैं। हालात को देखते हुए पुलिस अब डायरी मेंटेन करने लगी है। ऐसे में पुलिस इन मामलों को गंभीरता से जांच कर रही है। लड़कियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश देती है। पुलिस ने इनमें से काफी लड़कियों को बरामद भी किया है।

564 लड़कियों में ज्यादातर लड़कियां 14 साल से 17 साल के बीच 
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 9 महीने के अंदर घर छोड़ कर भागने वाली 564 लड़कियों में ज्यादातर नाबालिग हैं। पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या 14 साल से 17 साल के बीच का है। मां-बाप को इज्जत को ताक पर रखकर ये लड़कियां को प्रेमी से चली जाती हैं, बदनामी का दाग लिए इन लड़कियों के परिजन थाने और कचहरी के चक्कर लगाते रह जाते हैं। पुलिस के मुताबिक जिले में सबसे कम लड़कियां पंचदेवरा थाने क्षेत्र से भागी हैं। वहीं सबसे ज्यादा बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र से भागी हैं। रोज किसी ना किसी क्षेत्र से लड़कियों के भागने की वजह से पुलिस की महिला सेल का काम काफी बढ़ गया है।

हरदोई के इन थानों में मामलों की भरमार
हरदोई में प्रेमी संग भाग रही लड़कियों के दर्ज मामलों की बात करें तो जिले के हर थाने में इसकी भरमार है। पिछले 9 महीने में ही कुल 564 लड़कियां प्रेमी के साथ भाग चुकी है। इस वर्ष अरवल थाने में 15, बेहटा गोकुल थाने में 13, अतरौली थाने में 29, बेनीगंज थाने में 43, बघौली थाने में 34, बिलग्राम थाने में 26, हरियावां थाने में 10, कछौना में 27, कासिमपुर में 24, शहर कोतवाली में 37, देहात कोतवाली में 21, लोनार थाना में 26, माधौगंज में 30, मझिला थाने में 14, मल्लावां थाने में 23, पचदेवरा थाने में 7, शाहाबाद कोतवाली में 26, पाली थाने में 16, पिहानी कोतवाली में 28, साड़ी थाने में 22, संडीला कोतवाली में 25, सुरसा थाने में 20, टडियावां थाने में 26 और हरपालपुर कोतवाली में 24 मामले लड़कियों के घर छोड़ने के दर्ज किए गए।

प्रेमिका की बरामदगी के बाद कराया जाता है मेडिकल 
इस पर जानकारी देते हुए हरदोई के पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रेमी और प्रेमिका की बरामदगी के बाद में इनका मेडिकल कराया जाता है। यदि नाबालिक हुई तो उसे सीडब्ल्यूसी के समक्ष काउंसलिंग के लिए प्रस्तुत किया जाता है। वहीं बालिग होने पर उसके मां-बाप से बात की जाती है। लड़की अगर अपने प्रेमी के साथ जाना चाहती है तो बालिग होने के कारण उसकी इच्छा के अनुसार उसे जाने दिया जाता है। हालांकि यह निर्णय काउंसलिंग के बाद ही लिया जाता है।