सज़ा के बाद आजम खां की विधानसभा सदस्यता समाप्त, रामपुर सीट रिक्त घोषित

 
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सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही रामपुर विधानसभा सीट रिक्त घोषित करते हुए निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना भेज दी गई है। अब निर्वाचन आयोग इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि रामपुर सीट 27 अक्तूबर से रिक्त घोषित हो गई है।

नफरती भाषण मामले में बृहस्पतिवार को रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा आजम को दोषी ठहराते हुए तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी।

सरकारी वकील की ओर से रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट के आदेश की प्रति शुक्रवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को उपलब्ध कराई गई। मुख्य सचिव ने आदेश की प्रति प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे को भेजी। इसके बाद प्रमुख सचिव विधानसभा ने आजम खां की सदस्यता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए रामपुर सीट रिक्त हो जाने की सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी।

इससे पूर्व रामपुर से जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने भी विधानसभा के प्रमुख सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मेल से कोर्ट फैसले की प्रति भेजी। डीएम ने बताया कि एक विधायक के खिलाफ कोर्ट का फैसला आने पर अग्रेतर कार्रवाई के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सूचना भेजना अनिवार्य है।

विधानसभा सदस्यता रद्द होने वाली पिता-पुत्र की पहली जोड़ी
अब विधानसभा की सदस्यता रद्द होने वाली यह पिता-पुत्र की पहली जोड़ी बन गई है। आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी पिछले साल रद्द हो गई थी। हालांकि, अब्दुल्ला वर्तमान में स्वार-टांडा सीट से सपा विधायक हैं।

निर्वाचन कार्यालय को सौंपी भाषण की सीडी
कोर्ट से सजा के बाद आजम खां के नफरती भाषण की सीडी शुक्रवार को निर्वाचन कार्यालय को सौंप दी गई। यह सीडी आजम के मिलक कोतवाली क्षेत्र के खाता नगरिया गांव में 07 अप्रैल 2019 को दिए गए भाषण की है।

सजा सुनाते वक्त कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि विवादित भाषण की मूल हार्ड डिस्क निर्वाचन कार्यालय को सौंप दी जाए। निर्वाचन कार्यालय हार्ड डिस्क को अपील की अवधि तक सुरक्षित रखे। कोर्ट ने कहा है कि हार्ड डिस्क के बारे में कोई फैसला अपीलीय न्यायालय के स्तर से लिया जाएगा। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सहायक निर्वाचन अधिकारी ने हार्ड डिस्क प्राप्त कर ली है।