10वीं का परिणाम वार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर होगा घोषित

10वीं का परिणाम वार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर होगा घोषित

उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला को विद्यार्थियों की 9वीं कक्षा और 10वीं के प्री-बोर्ड में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित करने के सुझाव दिए हैं।

शुक्ला ने कहा कि जब तक स्कूलों में भौतिक रूप से कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं होता है, तब तक ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक अपने जिले में विद्यालयों के ऑनलाइन कक्षाओं का पर्यवेक्षण करें। उन्होंने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक अपने मंडल के जिलों में संचालित होने वाली ऑनलाइन कक्षाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

सरकार ने कोरोना के चलते 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत करने का फैसला लिया है। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इनके अंक निर्धारण की कवायद शुरू कर दी है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विशेष सचिव उदय भानु त्रिपाठी, विशेष सचिव जय शंकर दुबे, माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय, विकास श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

हाईस्कूल, कक्षा-11 के अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा और कक्षा-12 की प्री बोर्ड परीक्षा के अंकों के औसत के आधार पर अंक दिए जाएं।

हिंदू मुस्लिम इंटर कॉलेज दुर्गास्थान गाजीपुर के जियारत हुसैन ने कहा कि अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा देना चाहता है तो उसे यह मौका दिया जाए। इसके लिए जिला मुख्यालय के राजकीय इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया जाए।

सर्वोदय इंटर कॉलेज फतेहपुर के प्राचार्य जवाहर सिंह राठौर और फतेहपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष आत्माराम ने हाईस्कूल परीक्षा के लिए कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा और कक्षा-10 की प्री बोर्ड परीक्षा या अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंको के औसत के आधार पर परीक्षा परिणाम घोषित करने का सुझाव दिया।

महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज, चंदौली के प्रधानाचार्य डॉ. रामचंद्र शुक्ला ने कहा कि प्री-बोर्ड के अंकों को अधिक महत्व दिया जाए।

राजकीय इंटर कॉलेज, मुरादनगर, गाजियाबाद के प्रधानाचार्य सुखपाल सिंह तोमर ने कहा कि जो विद्यार्थी किसी कारण से प्री-बोर्ड या अर्द्धवार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित रहे हैं, उन्हें न्यूनतम उत्तीर्ण अंक देकर परिणाम घोषित किया जाए।

राजकीय इंटर कॉलेज, आगरा के प्रधानाचार्य अरुण कुमार सिंह ने पत्राचार के माध्यम से अध्ययनरत विद्यार्थियों की भी चिंता करने का सुझाव दिया।