फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे ग्राम प्रधान बने, दो प्रधानों के खिलाफ एक्शन

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे ग्राम प्रधान बने, दो प्रधानों के खिलाफ एक्शन

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे ग्राम प्रधान बने दो प्रधानों के खिलाफ एक्शन लिया गया हैइन पर आरोप है कि इन प्रधानों ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के सहारे ये चुनाव जीते थेजबकि ये अनुसूचित जाति की श्रेणी में नही आतेदो लोगों के जाति प्रमाणपत्र निरस्त किये गए हैं दो लेखपालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया, इस प्रकरण के बाद कई ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी जांच की जा रही है

जिले के डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश पर ये कार्रवाई हुई है। मैनपुरी में जीते हुए कई ग्राम प्रधानों के खिलाफ डीएम को फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे चुनाव लड़ने की शिकायतें मिली थीं। जिस पर डीएम ने मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की। जांच में किशनी ब्लॉक के अरसारा के ग्राम प्रधान राजेश उर्फ राजा बाबू का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। वह अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के सहारे चुनाव लड़ा था, जबकि वह इस श्रेणी में नही आता है, उसका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।

वहीं, एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा कुरावली ब्लॉक के विरसिंहपुर की ग्राम प्रधान पूजा का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जाति छुपाकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया और उसके सहारे चुनाव जीती। पूजा का भी जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके अलावा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे ग्राम प्रधान बने कई लोगों पर कार्यवाई की तलवार लटकी हुई है। उनके खिलाफ भी जांच चल रही है। जांच चलने से प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है।