जाने घाटों पर जलीं लाशाें का सच: हैलट ने कोरोना की इतनी मौतें और कुबूलीं

जाने घाटों पर जलीं लाशाें का सच: हैलट ने कोरोना की इतनी मौतें और कुबूलीं

कानपुर हैलट के कोविड अस्पतालों और वार्डों की फाइलों में दबीं कोरोना की 42 मौतें और कुबूल कर ली गई हैं। सोमवार को इन्हें पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया। ये मौतें किन दिनों में हुईं, इसका पता नहीं है। इन कोरोना रोगियों की मौत का दिन आंकड़ों में राज रहेगा। हैलट की अलमारियों में बंद फाइलों के कब्रगाह में अभी और भी मौतें दबी हुई हैं। 

इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या का भी खुलासा होना है। बहुत सी मौतें ऐसी भी हैं, रिपोर्ट न आने के कारण जिनकी वजह तय नहीं हो पाई। हैलट के न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल, मैटरनिटी विंग कोविड अस्पताल और कोरोना वार्डों में रोगियों की बीएचटी खंगाली जा रही है तो दबी मौतों का खुलासा हो रहा है। सोमवार को वैसे तो कोरोना से कोई मौत नहीं है, लेकिन इस दिन के नाम कोविड पोर्टल के रिकार्ड में 42 मौतें दर्ज हो गई हैं।

इन संक्रमितों को भी कोरोना जांचों की फाइलों में ढूंढा जा रहा है। अभी तक दो सौ संक्रमितों के छूटने की बात कही जा रही है। इनमें 95 को पोर्टल पर रविवार को अपडेट कर दिया गया है। छूटे संक्रमितों की भी सूची लंबी होने के आसार हैं, बहुत से लोग तो रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल का तर्क है कि मौत और संक्रमितों की सूची डीजीएमई पोर्टल पर अपडेट कर दी गई थी, राज्य पोर्टल पर न चढ़ने की वजह से यह गैप आ रहा है।

विभागीय सूत्रों का अंदेशा है कि कोरोना की 212 मौतेें हैं, जो पोर्टल पर अपडेट नहीं हुई हैं। वैसे जीएसवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन छूटी हुई 160 मौतों का आंकड़ा खुद कुबूल चुका है। छूटी हुई कोरोना मौतों के अलावा अभी छूटे हुए कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा भी उजागर होना बाकी है।