साढ़े तीन एकड़ में फैला बरगद का पेड़

साढ़े तीन एकड़ में फैला बरगद का पेड़

आपने बरगद के पुराने और विशाल पेड़ खूब देखे होंगे, लेकिन पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के एक गांव में अब भी हरा-भरा लगभग 300 साल पुराना बरगद का पेड़ ताज्‍जुब में डाल देगा। यह पेड़ करीब साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पेड़ की छत्रछाया में काफी संख्‍या में पक्षी और जंगली जीवों का बसेरा है। गांव और आसपास लोगों का इस पेड़ से खासा लगाव है। एक केंद्रीय टीम पेड़ का मुआयना करने यहां पहुंची। टीम के सदस्य इसे देख बेहद प्रभावित हुए। विशेषज्ञ मानते हैं कि पेड़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसकी संभाल के लिए जहां के गांववासी सामूहिक रूप से जुटे हैं। उनके लिए यह लंबे समय से आस्था का केंद्र भी है। मामले में जिला प्रशासन और जैविक विभिन्नता प्रबंधन कमेटी भी ग्रामीणों का सहयोग करती है।

गांव चोल्टी खेड़ी में जो विशालकाय बरगद आकर्षण का केंद्र बन चुका है, उसके प्रति ग्रामीण किसानों के त्याग और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ग्रामीण बताते हैं कि जिस किसी भी व्यक्ति की जमीन में इस पेड़ की जड़ों की पहुंच हो जाती है, वह खुद पेड़ के लिए जमीन छोड़ देता है। पेड़ पर मोर के अलावा उल्लू समेत तमाम पक्षियों और वन्य-जीवों का बसेरा है।

डॉ. अमिता प्रसाद ने बताया कि पेरिस के एक प्रोडक्शन हाउस कैमरा लुसीडा की तरफ से पंजाब विभिन्नता बोर्ड की सहायता के तहत इस पेड़ पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ट्री स्टोरी के नाम से टीवी सीरीज के तौर पर टेलिकास्ट होगी। इसमें दुनिया के अन्य पेड़ों के बारे में भी बताया जाएगा। डॉक्यूमेंट्री में पंजाब जैविक विभिन्नता बोर्ड की ओर से किए जा रहे प्रयासों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गांववासियों की तरफ से बरगद के पेड़ को संरक्षित करने के लिए किए जा रहे सहयोग को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के इस प्रयास की तारीफ की। इस बीच जिले के अतिरिक्त उपायुक्त अमनदीप बांसल ने पेड़ की संभाल के लिए हर तरह का भरोसा दिया। इस बरगद के पेड़ पर रिसर्च की जा रही है कि यह कितनी आक्सीजन छोड़ता है और इससे कितने लोगों को फायदा देता है।