इंजेक्शन लगाते ही हुई गर्भवती की मौत, शव को हालत गंभीर बताकर किया रेफर

 
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हरदोई जिले के एक निजी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की संवेदनाएं उस समय तार तार हो गईं, जब गर्भवती महिला के शव को हालत गंभीर बताकर रेफर कर दिया। केवल एक किलोमीटर दूरी तय करके जब जिला अस्पताल में गर्भवती को भर्ती कराया गया, तो चिकित्सकों ने कहा कि गर्भवती की मौत तो 30 मिनट से पहले ही हो चुकी है।


परिजनों के मुताबिक मरीज को निजी हॉस्पिटल से जिला अस्पताल तक लाने में अधिकतम 8 से 10 मिनट लगा है। मृतका के पति की तहरीर पर अज्ञात अस्पताल संचालक सहित स्टॉफ के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है। सांडी थाने के निवासी ओमप्रकाश की पुत्री विमला (28) की शादी डेढ़ साल पहले लोनार थाने के संजीव के साथ हुई थी।
विमला गर्भवती थी, उसका पहला प्रसव कराने के लिए शनिवार को आशा राजकुमारी ने उसे शहर के सर्कुलर रोड पर बांके बिहारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पति संजीव का कहना है कि प्रसव कराने के लिए उसकी पत्नी के इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगाते ही विमला की हालत बिगड़ गई और उसकी 15 मिनट में मौत हो गई।

आधे घंटे पहले ही हो चुकी थी मौत
इस बीच निजी अस्पताल संचालक ने गर्भवती की हालत गंभीर बताकर उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि गर्भवती की मौत करीब आधे घंटे पहले हो चुकी है।

इससे नाराज परिजनों ने निजी अस्पताल में हंगामा जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वहां पुलिस पहुंचती। इससे पहले ही हॉस्पिटल के सारे बोर्ड उतार दिए गए। मृतका के पति संजीव की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात अस्पताल संचालक व स्टॉफ सहित पर केस दर्ज कर लिया है।

मांग-जांच कर इकट्ठा किए थे 25 हजार रुपये
गर्भवती विमला को भर्ती कराने के दौरान उसके घर वालों से 25 हजार रुपये एडवांस जमा कराए गए थे। इस बारे में उसके पति संजीव ने बताया कि उसके पास इतने रुपये नहीं थे। फिर भी उसने पत्नी के लिए इधर-उधर से मांग-जांच कर इतने रुपये इकट्ठा कर हॉस्पिटल में जमा किए थे।

हॉस्पिटल के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
निजी हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत होने के बारे में एसीएमओ डॉ.पंकज मिश्रा ने बताया है कि जहां गर्भवती की मौत हुई है। वहां की सारी छानबीन की जाएगी। उन्होंने कहा है कि इस तरह की लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।