पंजाब में "एक विधायक एक पेंशन" लागू, 19.53 करोड़ रुपये की होगी बचत

 
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पंजाब से विधायकों की पेंशन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य में ‘एक विधायक-एक पेंशन‘ कानून पर मुहर लग गई है. यानी अब से विधायकों को केवल एक कार्यकाल के लिए ही पेंशन मिलेगी. इससे जुड़े विधेयक को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित मंजूरी दे दी है. इसकी जानकारी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी. उन्होंने कहा कि इस विधेयक को मंजूरी मिलने से जनता के टैक्स का काफी पैसा बचेगा. गौरतलब है कि आज इस कानून के लागू होने से विधायकों को अलग-अलग मिलने वाली पेंशन का अंत हो गया है


पहले एक से ज्यादा बार विधायक चुने जाने पर अलग-अलग कार्यकाल के लिए पेंशन मिला करती थी. लेकिन अब विधायकों को केवल एक कार्यकाल के लिए पेंशन मिलेगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा, ‘मुझे पंजाबियों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि राज्यपाल जी ने “एक विधायक-एक पेंशन” वाले गजट नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है. इससे जनता के टैक्स का बहुत पैसा बचेगा.

250 से ज्यादा विधायकों को मिल रही थी पेंशन

बता दें कि विधायक को एक कार्यकाल के लिए 75 हजार रुपये की पेंशन मिलती है. इसके बाद, आगे के हर एक कार्यकाल के लिए अलग 66 प्रतिशत पेंशन राशि मिलती थी. अब तक 250 से ज्यादा पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही थी. हालांकि इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद अब से एक विधायक को सिर्फ एक ही पेंशन मिला करेगी.

19.53 करोड़ रुपये की होगी बचत

पंजाब विधानसभा ने इस विधेयक को 30 जून को पारित किया था. राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने पहले इस अध्यादेश को अपनी सहमति नहीं दी थी. पंजाब कैबिनेट ने ये अध्यादेश 2 मई को जारी किया था. इसके नॉटिफिकेशन में देरी की वजह से सरकार विधायकों को कई तरह की पेंशन देने पर मजबूर हो रही थी. पेंशन के सीमित होने से सरकारी खजाने में 19.53 करोड़ रुपये की बचत होगी, जो सिर्फ विधायकों की पेंशन में खर्च होती थी.

सरकारी खजाने पर पड़ता था वित्तीय बोझ

पंजाब में पूर्व विधायक चाहे 5 बार या 10 बार चुनाव जीता हो. उन्हें अब सिर्फ एक कार्यकाल के लिए ही पेंशन मिलेगी. पेंशन में खर्च होने वाली 19.53 करोड़ की रकम अब लोगों के कल्याण पर खर्च होगी. इससे पहले, सीएम मान ने कहा था कि किसी को 3.50 लाख रुपये, किसी को 4.50 लाख रुपये और किसी को 5.25 लाख रुपये की पेंशन मिलती है. इसका सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का वित्तीय बोझ पड़ता है.