तीसरी लहर की तैयारियों में जुटा एनएसयूटी, हो रही आक्सीजन प्लांट से लेकर आइसीयू बेड तक की व्यवस्था

तीसरी लहर की तैयारियों में जुटा एनएसयूटी, हो रही आक्सीजन प्लांट से लेकर आइसीयू बेड तक की व्यवस्था

दूसरी लहर में घातक तबाही के बाद अब भले ही कोरोना संक्रमण के मामले व मृत्युदर कम हो गई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। तीसरी लहर के पूर्वानुमान को मद्देनजर रखते हुए द्वारका सेक्टर-3 नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) तैयारियों में जुट चुका है। ताकि तीसरी लहर के खतरे को कम किया जा सके। खास बात यह है कि इस तैयारी में विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों की एसोसिएशन देश-विदेश के विभिन्न कोने में बैठे-बैठे भी बढ़चढ़कर सहयोग कर रही है।

आक्सीजन कंसंट्रेटर प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, कोरोना जांच रिपोर्ट व चिकित्सीय परामर्श पर्चा जिस पर आक्सीजन की आवश्यता का जिक्र हो दिखाना जरूरी है। विश्वविद्यालय के मुताबिक अब तक केवल एक विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी को ही आक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराया है। मामले कम होेने के कारण आक्सीजन कंसंट्रेटर की फिलहाल मांग है, पर पूर्व में आक्सीजन को लेकर हुई मारा-मारी की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए विश्वविद्यालय और आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका से 21 और आक्सीजन कंसंट्रेटर जल्द ही विश्वविद्यालय में पहुंच जाएंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में आक्सीजन प्लांट लगाने की पहल भी शुरू हो चुकी है। आगामी कुछ माह में एनएसयूटी आक्सीजन के क्षेत्र में पहला आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय होगा।

असल में विश्वविद्यालय प्रशासन कई स्तर पर तैयारियों में जुटा है। फिलहाल विश्वविद्यालय ने एसोसिएशन की मदद से 31 आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था की है। जिसे होम आइसोलेशन व पोस्ट कोविड के वे मरीज जो आक्सीजन थेरेपी पर है, उन्हें घर पर मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि यह सुविधा केवल विश्वविद्यालय के शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारी, विद्यार्थी व पूर्व विद्यार्थी और स्वजन ही इसका लाभ ले सकते है। इसके लिए 7011199578 इस नंबर पर जरूरतमंद संपर्क कर सकते है।

अपने कर्मचारियों व विद्यार्थियों एनएसयूटी काफी सजग है। दूसरी लहर के प्रकोप के बाद तीसरी लहर के लिए अभी से तैयारियों में जुट चुका है, ताकि जरूरत पड़ने पर एनएसयूटी मदद के लिए सक्षम हो। पूर्व विद्यार्थियों का काफी सहयोग मिल रहा है, मुश्किल समय में उनका ये सहयोग सराहनीय है। एनएसयूटी को अपने विद्यार्थियों पर गर्व है।

दूसरी लहर के दौरान विश्वविद्यालय ने पूर्व विद्यार्थियों व द्वारका इस्कान मंदिर के सहयोग से एनएसयूटी में 20 बेड का कोविड केयर सेंटर तैयार किया था। हालांकि मामले कम होने के कारण इस कोविड केयर सेंटर में एक भी मरीज भर्ती नहीं हो पाया। पर तीसरी लहर को मद्देनजर रखते हुए एनएसयूटी इस कोविड केयर सेंटर में सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में प्रयासरत है। अधिकारियों ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में 12 आइसीयू बेड लगाने की याेजना है। खास बात यह है कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से एनएसयूटी को मंजूरी मिल चुकी है।

इसके अलावा अस्थायी तौर पर चिकित्सकों की भर्ती का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। फिलहाल दो अस्थायी चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। पर जल्द ही अस्थायी भर्ती का सिलसिला भी शुरू होगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के समस्त 45 पार वालों का टीकाकरण हो चुका है और जल्द ही 18-44 वर्षीय कर्मचारियों के लिए भी विश्वविद्यालय में टीकाकरकण शिविर आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अफसोस की बात यह है कि टीके की किल्लत के कारण ये रूपरेखा परवान नहीं चढ़ पा रही है।