15 साल लिव-इन में रहने के बाद बंदे ने 3 गर्लफ्रेंड से एकसाथ की शादी, 6 बच्चे बने बराती

 
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बता दें, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 342 आदिवासी रीति-रिवाज और विशिष्ट सामाजिक परंपराओं को संरक्षण देता है। इस अनुच्छेद के तहत समरथ मोर्या की एक साथ तीन दूल्हनों से शादी कानूनी तौर से वैध मानी जाएगी।
आपने प्यार की बहुत सी कहानियां सुनी होंगी! लेकिन भैया, मध्य प्रदेश से प्यार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिस पर एक फिल्म तो बन ही सकती है! एमपी के अलीराजपुर जिले में एक आदिवासी शख्स ने अपनी तीन प्रेमिकाओं के साथ शादी की। कहानी का ट्विस्ट तीन लड़कियों से एकसाथ शादी करना नहीं, बल्कि ट्विस्ट यह है कि वह पिछले 15 साल से तीनों प्रेमिकाओं के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था, जिनसे उसके 6 बच्चे भी हैं। दूल्हे ने बताया कि 15 साल पहले वो गरीब था, पैसे न होने के चलते उसने शादी नहीं की थी।

इस लिव-इन के दौरान हुआ 6 बच्चे

रिपोर्ट के अनुसार, समरथ मौर्या नाम के युवक को तीन युवतियों से प्यार हुआ, जिसके बाद वह उन्हें बारी-बारी से भगाकर घर ले आया और पति-पत्नी की तरह (लिव-इन) साथ रहने लगा। तीनों महिलाओं से उसके 6 बच्चे हैं। लगभग 15 सालों तक लिव-इन में रहने के बाद समरथ ने तीनों के साथ शादी कर ली, जिससे उसके परिजन और बच्चे काफी खुश हैं। शादी के कार्ड में भी जहां एक तरफ दूल्हे का नाम था, तो दूसरी तरफ उसकी तीनों प्रेमिकाओं के नाम छपे थे। बता दें, समरथ नानपुर इलाके का सरपंच भी रह चुका है।

यह इलाका आदिवासी बहुल्य है। जहां आदिवासी भिलाला समाज में युवकों को बिना शादी के भी महिला के साथ रहने और बच्चे पैदा करने की इजाजत है। लेकिन दूसरी तरफ एक परंपरा ये भी है कि बिना शादी वाले जोड़ों को समाज के किसी भी शुभ कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में शादी के बाद समरथ और उसकी पत्नियों को समाज के मांगलिक कार्यक्रमों में शामिल होने की छूट मिल गई है।