भारत का एक प्रदेश जहा 18 माह बाद शुरू हुई 4जी इंटरनेट सेवा

भारत का एक प्रदेश जहा 18 माह बाद शुरू हुई 4जी इंटरनेट सेवा

जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को करीब डेढ़ साल बाद 4जी इंटरनेट सेवा पूरी तरह बहाल हो गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश गृह विभाग ने हाई स्पीड इंटरनेट पर पाबंदियां हटाने के आदेश जारी कर दिए। देर रात मोबाइल कंपनियों ने 4जी सेवा बहाल भी कर दी।

गृह विभाग की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें 4जी सेवा बहाली  का फैसला ले लिया। सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शाम को  अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर 4जी सेवाओं को जल्द बहाल करने की जानकारी दी। करीब तीन घंटे बाद गृह विभाग ने फिर औपचारिक आदेश जारी कर दिया। आदेश मे कहा किमोबाइल डाटा सेवा और फिक्सड लाइन इंटरनेट कनेक्टिविटी पर जो रोक थी, उसे हटा लिया गया है।

प्री-पेड सिमधारकों को इंटरनेट मोबाइल सेवा संबंधित सुरक्षा नियमों व औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही प्रदान की जाएगी। जम्मू और कश्मीर संभागों के पुलिस महानिरीक्षकों को आदेश दिया है कि वे हाई स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के असर पर नजर रखें। 

अलबत्ता, प्री पेड कनेक्शन के लिए उपभोक्‍ताओं को निर्धारित सत्‍यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। देर शाम गृह विभाग की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे पूरे प्रदेश के लोगों विशेषकर युवाओं की उम्मीदें पूरी होंगी। ऊधर, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने भी स्वागत किया है।

राजनीति और नाराजगी हुई खूब : जम्मू कश्मीर में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों के साथ सिविल सोसायटी भी विभिन्न मंचों पर 4जी इंटरनेट सेवा बहाली की मांग कर रही थी। आनलाइन शिक्षा से लेकर टेलीमेडिसन, ई-कामर्स समेत विभिन्न गतिविधियां प्रभावित हो रही थी। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से 4जी सेवा के शरारती तत्वों द्वारा दुरुपयोग की आशंका जताने पर बहाल नहीं किया जा रहा था।

क्या थे कारण 4जी बंद करने के : पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू करने से पूर्व चार अगस्त 2019 की मध्यरात्रि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था। जम्मू प्रांत में ब्राडबैंड सेवा व मोबाइल फोन सेवा तीन-चार दिन बाद सामान्य रूप से बहाल कर दिया था, लेकिन मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रखी। 

कश्मीर में लैंडलाइन फोन सेवा को अगस्त 2019 के दूसरे पखवाड़े में चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया। दिसंबर के अंत तक मोबाइल सेवा भी शुरू कर दी। ब्राड बैंड सेवा चुनिंदा जगहों पर उपलब्ध कराया। 25 जनवरी को सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट व गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा व ब्राडबैंड इंटरनेट सेवा को सामान्य रूप से बहाल कर दिया। 16 अगस्त 2020 को प्रयोग के तौर पर गांदरबल और ऊधमपुर में 4जी मोबाइल सेवा बहाल की। अन्य 18 जिले इससे वंचित रहे।

उठाया था गृहमंत्री के समक्ष  मुद्दा : बीते दिनों उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था पर विचार विमर्श करते हुए 4जी इंटरनेट सुविधा बहाली का मुद्दा उठाया था। उन्होंने इसकी अनुपस्थित में आमजन की दिक्कतों व सुधरते हालात का भी हवाला दिया था। उसके बाद से ही इसकी उम्मीद बनी हुई थी कि 4जी सेवा बहाल होने वाली है।  

किया राजनेताओं ने  स्वागत : पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन अल्ताफ बुखारी समेत विभिन्न राजनीतिक नेताओं के अलावा विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों ने भी फैसले का स्वागत किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीटर हैंडल पर लिखा है 4जी मुबारक हो। अगस्त 2019 के बाद पहली बार पूरे जम्मू कश्मीर में 4जी मोबाइल डाटा उपलब्ध होगा। देर से सही, लेकिन एक सही कदम। कभी न पहुंचने से देर भली।