क्राइम ब्रांच ने RTO से यह पूछा कि क्या SUV में इतनी जगह होती है कि उसमें किसी का रेप किया जा सके?

क्राइम ब्रांच ने RTO से यह पूछा कि क्या SUV में इतनी जगह होती है कि उसमें किसी का रेप किया जा सके?

किसी महिला या लड़की के साथ दुष्कर्म अपने आप में जघन्य अपराध है लेकिन उस पर पुलिस की ओर से दागे गए सवाल और निंदनीय होते हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात से आया है, जहां स्थानीय अपराध शाखा ने आरटीओ से एक अजीबो-गरीब सवाल पूछ डाला। बलात्कार के मामले  में जांच कर रही लोकल क्राइम ब्रांच ने RTO से यह पूछा कि क्या स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) में इतनी जगह होती है कि उसमें किसी का रेप किया जा सके? इसके अलावा पुलिस ने सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम की स्थिति के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है। 

वडोदरा आरटीओ ने जानकारी दी कि इस तरह का ये पहला मामला है, जब दुष्कर्म में शामिल किसी वाहन की जांच करने का अनुरोध किया गया है। जिस गाड़ी को लेकर जांच पड़ताल चल रही है, वो भद्र पटेल की है और वो कृषि उपज मंडी निगम के पूर्व निदेशक हैं। उनका पुराना क्राइम रिकॉर्ड भी रहा है। 

बता दें कि सामान्य तौर पर आरटीओ किसी घटना के बाद गाड़ी के फिटनेस सर्टिफिकेट की जानकारी देती है, इस तरह की जानकारी लेने का मामला पहली बार सामने आया है कि गाड़ी में कितनी जगह थी। इस पर सवाल पर खुद आरटीओर ने नाराजगी जताई है। अपराध शाखा के अधिकारी ने कहा कि शिकायत के आधार पर वो यह पता लगाना चाहते थे कि क्या दुष्कर्म जैसी घटना गाड़ी की पिछली सीट पर हो सकती है। इसके अलावा वो ये भी पता लगाना चाहते थे कि अगर गाड़ी में दुष्कर्म की कोशिश की गई तो क्या पीड़िता ने वहां से भागने की कोशिश की। 

क्या है पूरा मामला?
ये घटना 26-27 अप्रैल के बीच हुई थी और इसके खिलाफ 30 अप्रैल को शिकायत दर्ज की गई थी। वहीं दो मई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। बता दें कि पटेल अभी न्यायिक हिरासत में है। शिकायत के मुताबिक पटेल और पीड़िता एक कॉमन मित्र के जरिए एक दूसरे को जानते थे। 26 अप्रैल की रात महिला एक पार्टी में गई थी लेकिन रात ज्यादा होने के बाद उसने अपने एक दोस्त को उसे पिक करने के लिए कहा। इसके बाद मित्र ने पटेल को भेज दिया। पटेल ने सुनसान जगह देखकर महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की और धमकी दी कि वो किसी से शिकायत ना करें।