'पेंशन नहीं मिल रही थी, इसलिए कर दी हत्या' पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) की हत्या का सच

 
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जापान (Japan) के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) की हत्या को अग्निपथ स्कीम से जोड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने अपने मुखपत्र 'जागो बांग्ला' में लिखा कि शिंजो की हत्या जापान के उस पूर्व सैनिक ने की जिसे पेंशन नहीं मिल रही थी. शिंजो आबे को बीती 8 जुलाई को जापान के नारा शहर में गोली मारी गई थी. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

सुरक्षा अधिकारियों ने आबे के हत्यारे को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था. हत्यारे की पहचान 41 साल के तेत्सुया यामागामी के तौर पर हुई. यामागानी जापान की नेवी में काम कर चुका है. टीएमसी ने अपने मुखपत्र में जापान की डिफेंस सर्विस की तुलना अग्निपथ योजना से की. पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं को चार साल के आधार पर सेना में नियुक्त करना चाहती है और उन्हें पेंशन और रिटायरमेंट पर मिलने वाले फायदे भी नहीं मिलेंगे.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेवी में काम कर चुके हत्यारे की तीन साल के बाद नौकरी चली गई थी. वो बेराजगार था और उसे पेंशन भी नहीं मिल रही थी. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इसी गुस्से के चलते हत्यारे ने शिंजो आबे को निशाना बनाया. टीएमसी ने इसी आधार पर आबे की हत्या की तुलना अग्निपथ योजना से की है. 

BJP का जवाब 

इससे पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी आबे की हत्या की तुलना अग्निपथ स्कीम से की. दोनों पार्टियों ने इस घटना पर केंद्र सरकारे से सबक लेने की बात कही थी. इधर बीजेपी की तरफ से कहा गया था कि विपक्ष शिंजो आबे की हत्या पर गंदी राजनीति कर रहा है. वहीं पार्टी ने टीएमसी को भी जवाब दिया है. बीजेपी ने कहा है कि टीएमसी युवाओं को भटकाना चाहती है.

जापान की सेनाओं में तैनात जवानों को रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त राशि मिलती है. हालांकि, उन्हें पेंशन नहीं मिलती. रिपोर्ट्स के अनुसार, आबे ने पुलिस को बताया कि उसने राजनीतिक कारणों से हत्या नहीं की. हत्या के लिए हैंडमेड गन का इस्तेमाल किया गया था.