अवैध कटान जारी जिम्मेदार बेख़बर

अवैध कटान जारी जिम्मेदार बेख़बर

अवैध कटान जारी जिम्मेदार बेख़बर
ऊंचाहार।जहां कोर्ट से लेकर केन्द्र व यूपी सरकार तक गांव गांव वृ़क्षारोपड़ होने के प्रति अभियान चलाकर हरा भरा बनाने मे जुटे है वहीं वन विभाग के देखरेख मे ही हरी भरी महुआ की बाग उजाड़ने का खेल खेला जा रहा है जिससे साफ जाहिर है कि यदि यूं ही अवैध कटान होता रहा तो हरी भरी बाग नजर नही आएगी। बताते चले कि ऊंचाहार कोतवाली के गांव गंगेहरागुलालगंज के निकट प्राथमिक विद्यालय से कुछ ही दूर हरी भरी महुआ व अन्य पेड़ो की बाग है।जिस बाग मे इन दिनो वृ़क्षहंताओ के द्वारा सरेआम हरे महुआ के पेड़ो का अवैध कटान किया जा रहा है।जिसमे दो पेड़ एक साथ काट डाला जिसकीखबर वन विभाग के मतहतो को स्थानीय ग्रामीणो ने दिया पहले तो वे नजर अंदाज करते रहे और उसका नतीजा ये था कि नजर करते करते ही दो महुआ के पेड़ काट डाले गए।जिसमे प्रकरण वन विभाग के स्थानीय अधिकारी का पोल तब खुला जब प्रकरण मे उच्चास्तरीय अधिकारियो ने हस्ताक्षेप किया।जिसमे ग्रामीणो की माने तो हरी भरी बाग को उजाड़ने के लिए 1लाख 44 हजार मे बाग बेंची गई है।जिसका वन विभाग से परमिट लिए वगैर ही अवैध कटान महुआ का किया जा रहा है।जिस संदर्भ मे वन दरोगा रमेश कुमार से जब बात किया गया तो पहले उनकी जबान लड़खड़ाई उसके बाद बोले कि मरियानी निवासी ठेकेदार राजू के खिलाफ 13 हजार रूपए का जुर्माना किया गया है।जब उनसे मुकदमा कोतवाली मे लिखवाने की बात पूंछी गई तो उन्होने बताया कि जुर्माना हो गया है जुर्माना के बाद मुकदमा लिखवाना जरूरी नही होता है।हलाकि ये कटान ने क्षेत्र मे अवैध कटानो की पोल खोलकर रख दिया है।जिसको लेकर कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि जांच करने के बाद विभागीय कार्यवाही किया जाएगा।