आईआईटी बताएगा, मस्तिष्क हिन्दी को कैसे पढ़ता है

आईआईटी बताएगा, मस्तिष्क हिन्दी को कैसे पढ़ता है

हिन्दी को हमारा मस्तिष्क कैसे पढ़ता है, उसकी मात्राओं को कैसे समझता है। भाषा पढ़ने में कितना समय लगता है, ऐसे कई रहस्यों के बारे में आईआईटी कानपुर जानकारी देगा। संस्थान के मानविकी व सामाजिक विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक प्रो. अर्क वर्मा विजुअल वर्ड रिकॉग्निशन पर काम कर रहे हैं। इस शोध से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि एक शब्द को समझने में कितना समय लगता है। 

ये किस तरह काम कर रही हैं, यह जानने की कोशिश है। हिन्दी भाषा लिखने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली देवनागरी लिपि अन्य विदेशी भाषाओं से भिन्न है। इसे सामान्य रूप से समझने में 500 से 1200 मिली सेकेंड का समय लगता है। 

प्रो. अर्क के मुताबिक इस शोध का लाभ भविष्य में मिलेगा। इससे हिन्दी पढ़ने और समझने की मानसिक प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिलेगी। हिन्दी भाषा को पढ़ने में आने वाली मुश्किलों के बारे में भी जान सकेंगे। उन्होंने बताया कि तंत्रिका विज्ञान के अनुसार मनुष्य के मस्तिष्क में साक्षरता या फिर शब्दों को पढ़ने के लिए प्रणालियां होती हैं।