नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपित गिरफ्तार, इस तरह बनाते थे शिकार

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपित गिरफ्तार, इस तरह बनाते थे शिकार

 एसटीएफ ने सचिवालय में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। आरोपित बेरोजगार युवकों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और उनसे मोटी रकम हड़प लेते थे। दोनों आरोपितों के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र समेत बड़ी मात्रा में जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

आरोपितों ने सचिवालय का फर्जी लोगो लगाकर क्लर्क, चपरासी व अन्य पदों का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर युवकों को दिया था। इन नियुक्ति पत्रों पर मुख्य सचिव के फर्जी हस्ताक्षर तक किए जाते थे। झांसे में लेने के लिए आरोपित लोगों को सचिवालय के बाहर बुलाते थे, जिससे उनपर कोई शक नहीं करता था। क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से चार से पांच लाख रुपये लिए जाते थे। वहीं चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो से तीन लाख रुपये वसूले जाते थे। रुपये लेने के बाद आरोपित आपस में अपना हिस्सा बांट लेते थे। इंदिरानगर थाने में दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

 एसटीएफ के मुताबिक कुछ समय से विभिन्न विभागों में नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। छानबीन के दौरान अरविंदो पार्क इंदिरानगर के पास से दुर्गागंज बिलग्राम हरदोई निवासी देवेश कुमार मिश्र और मुल्लापुर पसगवां खीरी निवासी विनीत कुमार मिश्र को दबोच लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह बेरोजगारों की तलाश कर उन्हें सचिवालय और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने की बात कहते थे। इसके बाद उनसे रुपये हड़प लेते थे।