सिर दर्द की समस्या, से और भी हो सकती खतरनाक बीमारी अधिक दिन तक नजरंदाज न करें ।

Share A Public Route

 अनियमित जीवनशैली व्यक्ति में सिर दर्द की समस्या बढ़ा रही है। इसे नजरअंदाज करना माइग्रेन, एंजाइटी को बढ़ावा देना है। यही नहीं उलझन, घबराहट बढऩे पर मरीज डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। वहीं माइग्रेन में भूखा रहना मुसीबत बढ़ाने जैसा है। ऐसे में खाली पेट बिलकुल न रहें। ऐसे रोगी तीन से चार घंटे का शेड्यूल बनाएं। तय समय पर पौष्टिक व ठोस आहार लें। साथ ही संयमित दिनचर्या, व्यायाम-योग, पौष्टिक आहार के सेवन से माइग्रेन की समस्या से छुटकारा पाएं। मनोरोग चिकित्सक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने पाठकों को मानसिक विकारों से बचाव के उपाए बताए।

Loading…

डॉ. देवाशीष के मुताबिक, 42 फीसद कॉरपोरेट कर्मी डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं। इनमें अधिकतर बीमारी को नजरअंदाज करने पर सीवियर मेंटल डिजीज की गिरफ्त में आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक वर्ष 2020 तक डिप्रेशन दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन जाएगी।

डॉ. देवाशीष के मुताबिक कर्मियों को मानसिक स्वस्थ्य रहने के लिए दिनचर्या में सुधार लाना होगा। काम के बोझ को दिमाग पर हावी न होने दें। साथ ही खान-पान व नींद पर्याप्त लें। सर्वे में पाया गया कि कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले 38.5 फीसद लोग छह घंटे से कम नींद लेते हैं, जोकि उनके स्वास्थ्य के लिए घातक है

डॉ. देवाशीष ने बताया कि डिप्रेशन को हल्के में न लें। परिजन घर के सदस्यों में यह समस्या देखकर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। इसके चलते एक लाख में से 21 लोग आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2015 में 322 मिलियन लोगों को डिप्रेशन का शिकार बताया था। वहीं अब संख्या 450 मिलियन क।

डिप्रेशन, एंजाइटी, सीजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिस्ऑर्डर, मैनिया आदि। वहीं एंजाइटी में चार तरह की समस्या होती है। इसमें जनरलाइज्ड एंजाइटी डिस्ऑर्डर (जीएडी), पैनिक अटैक डिस्ऑर्डर (पीएडी), पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिस्ऑर्डर (पीटीएसडी), ऑप्सेसिव कंपलसिव डिस्ऑर्डर (ओसीडी) है।

डॉ. देवाशीष ने बताया कि बार-बार बेवजह हाथ धुलने, बार-बार नहाने, कपड़े बदलने जैसी अजीब आदत ऑप्सेसिव कंपलसिव डिस्ऑर्डर की समस्या है। ऐसे व्यक्ति को संबंधित कार्य करने के बाद में ही दिमागी शांति मिलती है, नहीं तो उन्हें घबराहट होती है। कभी-कभी यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, जोकि व्यक्ति के लिए जानलेवा तक बन जाती है। 

मानसिक बीमारी लाइलाज नहीं है। जरूरत है कि परिजनों को घर के सदस्य में संबंधित बीमारी की समयगत पहचान करने की। उन्होंने बताया कि अधिक दिन तक मानसिक दिक्कत बनी रहने से व्यक्ति में डायबिटीज, थॉयरायड व हार्ट की बीमारी हो जाती है। लिहाजा, व्यक्ति का एकांत में रहना, गुमसुम रहना, चिड़चिड़ापन होना, अत्यधिक गुस्सा आना जैसे लक्षणों पर गौर रखें। समयगत उसे चिकित्सक को दिखाएं

Author: Jaya Verma

Jaya Verma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कैबिनेट मंत्री कमलरानी ने सीएचसी के कार्यक्रम में नहीं काटा फीता

Fri Aug 30 , 2019
Share A Public Routeप्रदेश की कैबिनेट की मंत्री बनने के बाद पहली बार शहर आईं कमलरानी ने अपनी एक बात से सभी को एक पल के लिए सोच में डाल दिया। दरअसल, बिधनू सीएचसी में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने फीता काटने से मना कर […]

login hear

सिर दर्द की समस्या, से और भी हो सकती खतरनाक बीमारी अधिक दिन तक नजरंदाज न करें ।

खा़स आर्टिकल सिर्फ आप के लिये।

Loading…

Subscribe Please