हापुड़ की तीनों सीटों पर बसपा ने घोषित किए उम्मीदवार

दो पर मुस्लिम चेहरे को उतारा
 
बसपा
बसपा, चुनाव 2022

हापुड़ जनपद की तीनों विधानसभा पर बसपा ने प्रत्याशियों को चुनावी दंगल में उतारा दिया है। पार्टी ने तीन में से दो सीटों पर मुस्लिम चेहरों को उतारा है। गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा में जहां मोहम्मद आरिफ पर दांव खेला गया है। वहीं धौलाना में बासिद अली को हाथी की सवारी करने का मौका दिया है।जनपद में सबसे पहले बसपा ने प्रत्याशियों की घोषणा की है। हापुड़ विधानसभा सीट पर पहले की मनीष उर्फ मोनू की घोषणा हो चुकी थी। बृहस्पतिवार को गढ़मुक्तेश्वर और धौलाना सीट पर भी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है।

हापुड़ जनपद में पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होगा। जिसके लिए 14 से नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा में बसपा ने जिला पंचायत के वार्ड नंबर दो से सदस्य नसरीन जहां के पति हाजी मोहम्मद आरिफ को उम्मीदवार घोषित किया है। गांव बदरखा निवासी हाजी मोहम्मद आरिफ चौधरी के पिता मोहम्मद उमर कई वर्षों से बसपा में हैं। पिता के राजनीतिक सफर से प्रभावित होकर ही वर्ष 2006 मेें बसपा में शामिल हो गए।

वर्ष 2021 में उन्होंने जिला पंचायत के चुनाव में पत्नी नसरीन जहां को वार्ड नंबर दो से बसपा से उम्मीदवार बनवाया। इस चुनाव में उनकी पत्नी की जीत हुई। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और चार बेटे हैं। हाजी मोहम्मद आरिफ ने कक्षा सात तक की पढ़ाई की हुई है। वह नदीम ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हैं। वहीं धौलाना विधानसभा सीट पर बसपा ने वासिद अली प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी ने मुस्लिम चेहरे को मैदान में उतारकर राजनैतिक दलों में हलचल बढ़ा दी है। क्योंकि वर्ष 2017 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप में असलम चौधरी विजयी हुए थे। हालांकि, अब असलम चौधरी सपा में शामिल हो गए हैं और सपा-रालोद गठबंधन से टिकट की दौड़ में शामिल हैं।

गांव डबारसी निवासी वासिद अली पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। जब वह जिला पंचायत सदस्य बने थे, उस समय हापुड़ जिला नहीं बना था। गाजियाबाद जनपद के अधीन हापुड़ हुआ करता था। हापुड़ के अलग जिला बनने के बाद वर्ष 2012 में यह पीस पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़े थे और लगभग तीस हजार वोट उन्हें प्राप्त हुई थीं। बसपा से उनका टिकट होने के बाद से सपा और भाजपा समर्थकों की बेचैनी बढ़ गई है।