एमपी से 16,215 शिक्षक लापता, ढूंढने में जुटा शिक्षा विभाग

एमपी से 16,215 शिक्षक लापता, ढूंढने में जुटा शिक्षा विभाग
भोपाल. प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाने वाले 16215 शिक्षक लापता हो गये हैं। ये खुलासा लोक शिक्षण संचालनालय के एक पत्र से हुआ है। यह पत्र प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों को भेजा गया है। आकड़ों पर नजर डालें तो 2018-19 में 3 लाख 20440 शिक्षक थे, और जब 2019-20 की जानकारी जिलों से आई तो विभाग के होश उड़ गये विबाग को मिली रिपोर्ट में शिक्षकों की संख्या 3 लाख 4225 रह गई है।
इस मामले पर सरकार ने जिला शिक्षा अधिकारियों को ताकीद किया गया है कि बे दोबारा से शिक्षकों की गिनती कर मिलान करें। शिक्षकों की कमी से प्रदेश की रैंकिंग खराब होगी और छात्र-शिक्षक अनुपात भी बढ़ जाएगा। केंद्र से मिलने बाले अनुदान में कमी आएगी। सिंगरौली में सबसे ज्यादा शिक्षक लापता हैं।
लोक शिक्षण डायरेक्टर गौतम सिंह ने बताया कि कई बार आंकड़े भरने में गडबड़ी हो जाती है। जानकारी मंगाने में इस तरह की गड़बड़ी सामने आती है। आंकड़ों का मिलान नहीं हो रहा है इसलिए फिर से जानकारी बुलाई गई है। 16 हजार मिसिंग होना बड़ी संख्या है। 
इन जिलो से शिक्षक हुए लापता
सिंगरोली से 1090 शिवपुरी से 997 सागर से 873 देवास से 782 बड़वानी से 745 कटनी से 678 विदिशा से 738 खंडवा से 685 सीधी से 670 टीकमगढ़ से 573 उज्जैन से 548 छतरपुर से 546 झाबुआ से 502 भोपाल से 6 इंदौर से 120 निवाड़ी से 24 जबलपुर से 30 नरसिंहपुर से 49 ग्वालियर से 76 धार से 119 छिंववाड़ा से 247
पहले भी सर्कुलर संचालनालय के संज्ञान में आया था कि कुछ शिक्षक दो-तीन साल से स्कूल नहीं आ रहें। वेतन बराबर मिल रहा है। इसके बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सईलर जारी कर जानकारी मांगी गई थी। कहा गया था कि जो बहुत दिनों से स्कूल नहीं आ रहे, उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाए। अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सिंगरोली जिला शिक्षा अधिकारी ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि हमारे यहां शिक्षकों की जो कमी आई है, उनके ट्रांसफर हो गए हैं। इस बार ऑनलाइन ट्रांसफर हुए जो कि पोर्टल पर दर्ज हैं।