विकास दुबे की इतने बीघा जमीन पर हो गया कब्जा

विकास दुबे की इतने बीघा जमीन पर हो गया कब्जा

कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसकी 10 बीघा जमीन पर तीन लोगों ने कब्जा कर धान की रोपाई कर दी। शिकायत के बाद तहसील प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम बिल्हौर ने नायब तहसीलदार और शिवराजपुर थाने की पुलिस को जमीन पर कब्जा लेने का आदेश दिया है।

बिल्हौर तहसील के संकरवा गांव में विकास दुबे ने 17 फरवरी 2016 को उन्नाव निवासी शशिकांत से 24 बीघा जमीन का बैनामा कराया था। खसरा खतौनी में विकास दुबे का नाम दर्ज किया गया था। उसके मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गांव के ही तीन लोगों ने 10 बीघा जमीन पर दावा करते कब्जा कर लिया। गांव के ही एक व्यक्ति ने तहसील में शिकायत की तो एसडीएम पीएन सिंह ने जांच के आदेश दिए। लेखपाल, नायब तहसीलदार की जांच में कब्जे की पुष्टि हुई।

विकास दुबे अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विवादित जमीन खरीदकर कब्जा कर लेता था। इस जमीन को लेकर विवाद सामने आ रहा है। कब्जा करने वालों का कहना है कि विकास से पहले उन्होंने बैनामा कराया था। फिलहाल तहसील के रिकॉर्ड में पूरी जमीन विकास दुबे पुत्र राम कुमार के नाम दर्ज है। इस नाते इनके दावे नहीं बनते हैं। विकास के मारे जाने के बाद उसकी पूरी संपत्ति प्रशासन की निगरानी में है। 

लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कब्जा करने वालों ने एक बैनामा प्रस्तुत किया है। यह सिविल जज माती कोर्ट से खारिज हो चुका है। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर जमीन खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। तहसीलदार का कहना है कि यह जांच का विषय है कि जमीन पर फसल किसने बोई है।

संकरवा गांव के श्रीकांत की शिकायत पर हल्का लेखपाल और नायब तहसीलदार से जांच कराई गई। इसमें पता चला कि करीब 1.024 हेक्टेयर जमीन पर तीन लोगों ने कब्जा कर लिया है। नायब तहसीलदार और शिवराजपुर पुलिस को जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए गए हैं।