बिजली और पर्यावरण को बचाने के लिये बेहतर उपाय।

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सौर ऊर्जा (solar energy) के इस्तेमाल से हम अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण को बचाने में भी सहयोग कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने भी पिछले कुछ सालों के दौरान कुछ ऐसे अहम कदम उठाए हैं, जिससे ऊर्जा के नए तरीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। इस बीच पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान लोगो के लिए एक बड़ी राहत भरी सूचना है। दरअसल, फरीदाबाद के रहने वाले कश्मीरा सिंह सैनी (74) ने ऐसी चार पहियों वाली सोलर शक्ति नाम से गाड़ी बनाई है, जो सौर ऊर्जा से चलती है। मैकेनिकल इंजीनियर कश्मीरा सिंह की इस बात को जो कोई सुनता है, वह गाड़ी देखने इनके घर पहुंच जाता है।

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कश्मीरा की मानें तो इस गाड़ी को तैयार करने में कुल पौने 2 लाख रुपये की लागत आई है। अगर गाड़ी और मोडिफाई करनी है, तो भी वह हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि अगर घर में बिजली नहीं है तो यह एक किलोवाट तक के लोड पर आधा से एक घंटा बैकअप दे सकती है। इसकी वजह यह है कि इस गाड़ी के अंदर चार 12-12 बोल्ट की बैटरियां लगी हुई हैं, जो दिनभर धूप से चार्ज होती रहती हैं। कश्मीरा का कहना है कि गाड़ी इस्तेमाल करने के बाद अगर आधे घंटे भी धूप में गाड़ी खड़ी हो तो चार्ज हो जाती है। चार सोलर पैनल  और 4 बैटरी से युक्त इस गाड़ी से एक बार में 70 से 80 किलाेमीटर तक सफर किया जा सकता है।

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गाड़ी के अंदर 4 लोगों के बैठने की जगह है। इसमें गियर का भी कोई झंझट नहीं है। कहने का मतलब कोई भी आसानी से इस गाड़ी को चला सकता है। गाड़ी तेज व धीमी केवल रेस द्वारा होती है। इस गाड़ी को 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी चलाया जा सकता है। फिलहाल कश्मीरा सिंह ने गाड़ी की रेस लिमिट 40 पर फिक्स की हुई है। इतना ही नहीं, गाड़ी के आगे-पीछे और छत पर सौलर पैनल लगे हुए हैं, ताकि धूप से बैटरी चार्ज हो सके। कश्मीरा सिंह को इस गाड़ी को बनाने में 2-3 साल से लगे हुए हैं। इस दौरान प्रयोग का दौर भी खूब चला, वे कभी कोई पार्ट्स ले आते तो कभी कोई। कश्मीरा बताते हैं कि घर से बाहर कहीं भी जाओ, गाड़ी को बाहर ही खड़ी करनी पड़ेगी, इसलिए यह गाड़ी दिनभर धूप में खड़ी होकर चार्ज होती रहेगी। कश्मीरा सिंह ने

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मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की है। वह बताते हैं- ‘मैंने 10 साल जम्मू-कश्मीर में एक वर्कशाप में काम किया हुआ है, जहां विभिन्न प्रकार की गाड़ियां, क्रेन व डंपर बनते थे। बस वहीं से मुझे गाड़ी बनाने की पूरी जानकारी हासिल हो गई।’ फिलहाल उनके पास फरीदाबाद एनआइटी सेक्टर-22 में जनरेटर की डिलरशिप है। कश्मीरा सैनी का कहना है कि हर काम कमाई के लिए किया जाए, यह जरूरी नहीं है। फरीदाबाद आज विश्व के टॉप 10 प्रदूषित शहरों में शुमार है। यहां लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। गुरुग्राम और दिल्ली में भी बेतहाशा प्रदूषण है। पेट्रोल, डीजल गाड़ियों के इस्तेमाल से बचने के लिए उन्होंने ऐसी गाड़ी ईजाद की है। सोलर गाड़ी को लेकर  उनका कहना है कि यदि कोई कंपनी उनसे बात करना चाहेगी तो वह आगे आएंगे। वह चाहते हैं कि लोग ऐसी गाड़ियों का जरूर इस्तेमाल करें, ताकि प्रदूषण पर काबू किया जा सके। वे जल्द ही ऐसी गाड़ियों को विभिन्न रूप में बनाकर बेचेंगे भी।

Author: Jaya Verma

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