*बाबा जयगुरुदेव के विचार शाकाहारी रहे! संसार, लालता प्रसाद गंगवार*

*बाबा जयगुरुदेव के विचार शाकाहारी रहे! संसार, लालता प्रसाद गंगवार*

*बाबा जयगुरुदेव के विचार शाकाहारी रहे! संसार, लालता प्रसाद गंगवार*

आज दिनांक 8 नवंबर 2020 को ग्राम पंचायत मोहम्मद नगर नानकार तहसील मिलक जिला रामपुर यूपी में बाबा जयगुरुदेव के नाम की ध्वनि एवं  सत्संग हुआ प्रदेश प्रवक्ता हरपाल सिंह जिला शाहजहांपुर से चल कर आए और उन्होंने बाबा जयगुरुदेव नाम का प्रचार किया लालता प्रसाद गंगवार समाजसेवी के नेतृत्व में भंडारे का आयोजन किया गया है दूर दूर से चलकर आए भाइयों एवं माता, बहनों बाबा जयगुरुदेव के भक्त प्रेमी और सैकड़ों की तादात में लोगों ने खिचड़ी प्रसाद का भोग लगाया समाजसेवी ने बताया धर्म प्रचार के लिए हमेशा ऐसे ही कार्य करते रहेंगे और लोगों को धर्म के प्रतीक जागरूक करेंगे कार्यक्रम में शामिल रहे! जिले के संचालक सत प्रकाश मौर्य, हरचरण गंगवार, कुमार सेन गंगवार, विपिन गंगवार, कृष्णपाल राजपूत, रामकिशोर मोर्य, बाबा हरिद्वार गिरी, परम कीर्ति गंगवार, रामदास गंगवार, सभी ग्रामवासी उपस्थित रहे

''करहि अनीति जाई नहीं बरनी। सीदहि विप्र धेनु सुर धरनी।।
तब-तब प्रभु धरी विविध शरीरा। हरही कृपा निधि सज्जन पीरा।।''

भावार्थ : जब-जब धर्म की हानि होने लगती है और अधर्म आगे बढ़ने लगता है, तब-तब मैं स्वयं की सृष्टि करता हूं अर्थात् जन्म लेता हूं। सज्जनों की रक्षा एवं दुष्टों के विनाश और धर्म की पुनःस्थापना के लिए मैं विभिन्न युगों (कालों) मैं अवतरित होता हूं।


भावार्थ : जब-जब धर्म का ह्रास होता है और नीच अभिमानी राक्षस बढ़ जाते हैं तथा ऐसा अन्याय करते हैं कि जिसका वर्णन नहीं हो सकता। उनसे ब्राह्मण, गौ, देवता और पृथ्वी कष्ट पाते हैं, तब-तब कृपानिधान प्रभु भांति-भांति के दिव्य शरीर धारण कर सज्जनों कि पीड़ा हरने इस पृथ्वी पर जन्म लेते हैं।

आजादी के आंदोलन के समय और आजादी के बाद भारत के संदर्भ में बहुत से विद्वानों और भविष्य वक्ताओं ने भविष्यवाणियां की हैं। उन सभी की भविष्यवाणियां इस ओर इशारा करती हैं कि भारत में एक ऐसी आध्यात्मिक चेतना का जन्म हो चुका है जिसके विचारों का लोहा विश्व के सभी धार्मिक समूह और राजनेता मानेंगे!