आईटीबीपी कैंप में एक जवान द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग से छह जवानो की हुई मौत।

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित आईटीबीपी कैंप में एक जवान द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग से हुई छह जवानों की मौत से हर कोई हैरान है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इस तरह की घटनाएं आखिर क्‍यों घटित होती हैं। जिस तरह की घटना नारायणपुर में घटी है वह देश में पहली नहीं है बल्कि, इसी वर्ष कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जब जवान ने अपने ही साथी जवानों की जान ली हो। इस तरह की ज्‍यादातर घटनाओं में वजह आपसी नोंकझोंक या तनाव रहा है। आईये जानते हैं कब-कब इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। 

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श्रीनगर के बाहरी इलाके पंथा चौक कैंप में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान ने अपने दो साथियों को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार कर जान दे दी थी। आरोपी जवान मुकेश बाबू ने यह कदम आपसी कहासुनी के बाद उठाया था। अपने साथियों पर गोलियां बरसाने के बाद आरोपी ने खुद को बाथरूम में बंद कर राइफल से गोली मार ली थी।  

भारत-पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर जिले में तैनात बीएसएफ के जवान विमल कुमार ने अपने ही दो साथियों (प्रकाश और पुरषोत्तम) को गोली मारकर घायल कर दिया था। यह घटना सेड़वा थाना इलाके में स्थित दीपला चौकी पर हुई थी। इसकी वजह भी आपसी विवाद ही था। बताया जा रहा है कि वहां ड्यूटी की बात को लेकर जवानों में आपस में विवाद हो गया था। इस पर जवान विमल कुमार ने अपनी रायफल से अपने ही दो साथी जवानों प्रकाश और पुरषोत्तम पर गोली चला दी। बाद में आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया गया था। 

जम्‍मू कश्‍मीर में स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात जवान ने बहस होने के बाद अपने तीन साथियों की गोली मारकर हत्‍या कर दी थी। यह घटना उधमपुर के बट्टल बलियान इलाके में बल के 187वें बटालियन शिविर में रात करीब दस बजे हुई थी। आरोपी की पहचान कांस्टेबल अजित कुमार के रूप में हुई थी। मरने वालों में राजस्थान के हेड कांस्टेबल पोकरमाल आर, दिल्ली के योगेन्द्र शर्मा और हरियाणा के उमेद सिंह के रूप में हुई थी।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में चुनावी ड्यूटी के दौरान असम राइफल्‍स का सिपाही ने आपसी विवाद के बाद अपने ही तीन साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस फायरिंग में असम राइफल्‍स के एएसआई भोलानाथ दास की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि दो अन्‍य जवान घायल हो गए थे। इस घटना में आरोपी ने 18 राउंड फायर किए थे। बाद में उसको गिरफ्तार कर लिया गया था। यह घटना ज्योतिर्मय गर्ल्स स्कूल में घटी थी जहां पर इन जवानों के लिए कैंप बनाए गए थे।  

हिमाचल प्रदेध के धर्मशाला में 18 सिख रेजिमेंट के जवान ने अपने ही  दो साथियों की गोली मारकर जान ले ली थी। बाद में आरोपी ने खुद को भी गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। इस घटना को अंजाम देने वाला आरोपी जसबीर सिंह पंजाब के जिला बरनाला का था जबकि मरने वाले हवलदार हरप्रीत सिंह तरनतारन और हरपाल सिंह गुरदासपुर के निवासी थे। 


गाजियाबाद में लिंक रोड के एक स्कूल में रुकी हुई BSF की बटालियन के एक जवान ने आपसी कहासुनी के बाद अपने साथी जवान को गोली मार दी थी। आरोपी अजीत सिंह मलकपुर पठानकोट का रहने वाला था और दोनों ही वर्ष 2012 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। 

बिहार के औरंगाबाद जिले स्थित नबीनगर पॉवर जेनेरेटिंग कंपनी में तैनात CISF के जवान बलबीर कुमार नेआपसी विवाद के दौरान अपने साथियों पर गोलीबारी कर चार जवानों की हत्‍या कर दी थी। इसकी वजह भी आपसी विवाद था। इस दौरान जवान ने इनसास राइफल से 32 राउंड गोलियां चलाई थीं।  

छत्तीसगढ़ के बीजापुर मे आपसी झगड़े के बाद सीआरपीएफ के जवान ने अपने ही साथियों पर एके47 से अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। इसमें चार जवानों की मौत हो गई थी। 

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jaya verma

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