धूमधाम से मनाई गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145 वीं जयंती

धूमधाम से मनाई गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145 वीं  जयंती

*धूमधाम से मनाई गई सरदार वल्लभ भाई पटेल की (145) वीं जयंती*

आज दिनांक 31-10-2020 शनिवार को रामपुर मिलक में संचालित मानकी शिक्षा निकेतन के प्रांगण में भारत के महान विभूति ,भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त योजित कार्यक्रम में लालता प्रसाद गंगवार (समाजसेवी) ने सरदार पटेल के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित व माल्यार्पण कर सरदार पटेल के व्यक्तित्व योगदान वआदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देश की एकता को बनाए रखने में सरदार पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा और एकता के बगैर देश मजबूत नही हो सकेगा
सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर ही समाज के प्रत्येक वर्ग का भला किया जा सकता हैं इसी क्रम में गंगवार ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में नैतिक व आदर्श मूल्यों की स्थापना तथा एकता के सूत्र में पिरोए रहे।
कार्यक्रम के शुभ अवसर पर मौजूद रहें! सरनाम सिंह गंगवार, तेज बहादुर गंगवार, नरसिंह गंगवार, सर्वेश कुमार पटेल, संजय कुमार, प्रेम शंकर गंगवार, इंद्रजीत पटेल, पवन गंगवार, रमेश गंगवार और आदि मौजूद रहें!

*31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस? जानें- इसका महत्व और इतिहास*

31अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को चिह्नित करने के लिए 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को नेशनल यूनिटी दिवस या राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष स्वतंत्रता सेनानी वल्लभभाई पटेल की 144 वीं जयंती है। सरदार वल्लभ भाई ने (565) रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था। यही कारण है कि वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है!

31 अक्टूबर सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई जाती है। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को चिह्नित करने के लिए 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को नेशनल यूनिटी दिवस या राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष स्वतंत्रता सेनानी वल्लभभाई पटेल की (145) वीं जयंती है। सरदार वल्लभ भाई ने (565) रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था। यही कारण है कि वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है!

*इसका महत्व*

भारत जैसा देश, जो विविधताओं से भरा है, जहां धर्म, जाति, भाषा, सभ्यता और संस्कृतियां, एकता को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, राष्ट्र की एकता को स्थापित करने के लिए भारत सरकार ने 2014 में राष्ट्रीय एकता दिवस का प्रस्ताव रखा। चूंकि, सरदार पटेल भारत के एकीकरण के लिए जाने जाते हैं, इसलिए राष्ट्रीय एकता दिवस उनकी जयंती (31 अक्टूबर) को हर साल मनाया जाता है!