भविष्य की बुनियाद हमारे वैज्ञानिक रख चुके हैं, अब पानी के अंदर हाईवे बनेंगे।

Share A Public Route

 कल किसने देखा है? हम सबने देखा है। वर्तमान की तकनीकी पहुंच के आधार पर भविष्य की बुनियाद हमारे वैज्ञानिक रख चुके हैं। ब्रिटेन में जारी सैमसंग केएक्स 50:द फ्यूचर इन फोकस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2069 तक हमारे रोजमर्रा के जीवन का बड़ी अद्भुत तकनीकों से साबका पड़ेगा।

इन पूर्वानुमानों को तकनीकविद और भविष्यविदों ने तैयार किया है। शहरी इलाकों में उड़ने वाली टैक्सियां होंगी। ऊपरी वायुमंडल में दूरी को चंद मिनटों में नापने वाले रियूजेबल रॉकेट होंगे। पानी के अंदर हाईवे बनेंगे। भूमिगत ऊंची इमारतें होंगी। ऐसे घर होंगे जो खुद अपनी साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे। 3 डी प्रिटिंग से कृत्रिम अंग तैयार होंगे। हमारे शरीर में ऐसे उपकरण लगेंगे जो उसकी दशा-दिशा के बारे में हमें आगाह करते रहेंगे। आइए एक नजर डालते हैं भविष्य की ऐसी ही तकनीक
एक सबसोनिक ट्यूब ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनेगा जिसमें पॉड्स के द्वारा एक जगह से दूसरी जगह जाया जा सकेगा। इस माध्यम से एक घंटे में ब्रिटेन से स्वीडन और नार्वे पहुंचा जा सकेगा।अंतरिक्ष में छुट्टियां मनाने का सपना साकार होगा। ये होटल चांद या किसी और ग्रह की परिक्रमा करते हुए अपना खुद का गुरुत्व बल पैदा कर सकेंगे। अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देने में कारगर साबित होगा।


जल्द ही उड़ती टैक्सियों का सपना साकार होगा। हाई पॉवर ड्रोन कॉप्टर जमीनी यातायात समस्याओं से छुटकारा दिलाएगा।
हमारे शरीर में ऐसी चिप या छोटे उपकरण लगेंगे जो समय रहते किसी कमी या रोग से आगाह करेंगे।
एक बटन दबाने के साथ घर खुद को साफ कर लेंगे।

Author: Jaya Verma

Jaya Verma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

होमवर्क पूरा न होने पर कक्षा आठ की छात्रा ने पहले सुसाइड नोट, फिर लगा ली फांसी

Fri Aug 30 , 2019
Share A Public Route मम्मी पापा मैं अपनी मर्जी से फांसी लगा रही हूं। यह बात सुसाइड नोट में लिखने के बाद रावतपुर गांव निवासी श्यामू शर्मा की 15 वर्षीय बेटी सृष्टि उर्फ गुनगुन ने गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त माता-पिता उसके स्कूल गए थे। परिजनों […]

login hear

भविष्य की बुनियाद हमारे वैज्ञानिक रख चुके हैं, अब पानी के अंदर हाईवे बनेंगे।

खा़स आर्टिकल सिर्फ आप के लिये।

Loading…

Subscribe Please