गुजरात सरकार ने घटाया 50 फीसदी तक जुर्मान।

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नया नियम लागू  होने के बाद गुजरात ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने नया कानून लागू करने के साथ ही भारी जुर्माने से वाहन चालकों को राहत प्रदान की है। गुजरात ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के जुर्माने की राशि को 50 फीसद तक कम कर दिया है। इसके बाद नौ अन्य राज्य भी इसी तर्ज पर वाहन चालकों को भारी जुर्माने से बड़ी राहत प्रदान कर सकते हैं। इनमें से छह राज्य ऐसे हैं, जहां अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा तीन केंद्र शासित राज्य ऐसे हैं, जहां नए मोटर वाहन अधिनियम को लेकर ऊहापोह की स्थिति है।

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एक सितंबर से केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) लागू कर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा तैयार संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पहले के मुकाबले, संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में कई गुना ज्यादा जुर्माने का प्रावधान है। नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों के परिवहन विभाग को छूट दे रखी है कि वह राज्य सरकार की अनुशंसा पर संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने या न करने अथवा इसमें जुर्माने के प्रावधानों पर फैसला ले सकते हैं। छह राज्यों ने एक सितंबर से देश भर में लागू किए गए संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को अपने यहां लागू नहीं किया है। इसके पीछे इन राज्यों के अपने तर्क है। सबसे सामान्य तर्क, नए मोटर व्हीकल एक्ट के भारी जुर्माने का विरोध है। मतलब इन छह राज्यों के वाहन चालकों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर अब भी पुराना जुर्माना ही वसूला जा रहा है। जिन छह राज्यों ने अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं किया है, उनका तर्क है कि इसमें जुर्माने की राशि बहुत ज्यादा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ समेत ये

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जिन छह राज्यों ने अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं किया है, उनका तर्क है कि इसमें जुर्माने की राशि बहुत ज्यादा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ समेत ये सभी राज्य कह चुके हैं कि वह अन्य राज्यों में नए मोटर व्हीकल एक्ट के प्रभावों का अध्ययन करने के बाद ही इस कानून को अपने यहां लागू करेंगे। ऐसे में बहुत संभव है कि ये राज्य भी गुजरात की तर्ज पर कम जुर्माने के साथ अपने यहां नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर सकते हैं। मालूम हो कि तमाम राजनीतिक दल नए मोटर व्हीकल एक्ट के भारी जुर्माने पर लगातार आपत्ति जता रहे हैं। अगर इन नौ राज्यों ने अपने यहां जुर्माने की राशि घटाई तो अन्य राज्यों पर भी जुर्माने की राशि घटाने का दबाव बढ़ जाएगा भारी जुर्माने के साथ अन्य राज्यों में लागू मोटर व्हीकल एक्ट की कई चौंकाने वाली खबरें लगातार सामने आ रहीं हैं। पहली खबर गुड़गांव में एक स्कूटी सवार का 23 हजार रुपये का चालान कटने की आई। इसके बाद दिल्ली में बाइक का 25000 रुपये का चालान कटने पर युवक ने उसे वहीं आग लगा दी थी। इसके अलावा एनसीआर में बाइक का 24000 व 35000 रुपये, रेवाड़ी में ट्रक 1,16,000 रुपये, गुड़गांव में ट्रैक्टर का 59000 और दिल्ली में ट्रक वाले का 1,41,000 रुपये के चालान की खबरों ने वाहन चालकों को दहशत में डाल दिया है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख फिलहाल एक ही राज्य हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए खत्म करने के साथ ही केंद्र सरकार दोनों को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा कर चुकी है। अगले महीने दोनों नए केंद्र शासित प्रदेशों की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही ये अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आ जाएंगे। नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर दिल्ली और जम्मू-कश्मीर पुलिस कंफ्यूजन में है। यहां राज्य सरकारों द्वारा नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करने की अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है। यहां की पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है। लिहाजा पुलिस ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारी जुर्माने के साथ वाहन चालकों का चालान काटना शुरू कर दिया है। हालांकि, दोनों जगहों पर ही पुलिस नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत काटे जा रहे चालान का भारी जुर्माना ऑन स्पॉट नहीं वसूल रही है। वाहन चालकों को कोर्ट जाकर चालान का भुगतान करने को कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू करने की अधिसूचना राज्यों को जारी करनी थी। राज्यों द्वारा अधिसूचना जारी न करने की स्थिति में कानून लागू नहीं हो सकता। लिहाजा पुलिस भारी जुर्माने का चालान तो काट रही, लेकिन वह जुर्माना नहीं वसूल पा रही है।

Author: Jaya Verma

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