उत्तर प्रदेश

अंत: विवादों में घिरे नसीराबाद थानेदार हटाये गये।

Spread the love
98 Views

अनुराग प्रताप सिंह

नसीराबाद।रायबरेली।विवादास्पद कार्यशैली,संदेहास्पद गतिविधियां एवं आततायी स्वभाव।नसीराबाद थाने के थानेदार रवीन्द्र सोनकर का तथाकथित योग्यता और प्रभुता का गुरूर आखिरकार चूर ही हो गया।पुलिस अधीक्षक ने उनकी कुर्सी छीन वीआईपी सेल भेज कर यह साबित कर दिया कि उनकी परख में कोई संदेंह नही है।
नसीराबाद थाना क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों एवं अपराधिक गतिविधियां रोकने में पूरी तरह से फिसड्डी साबित हो रहे नसीराबाद थानेदार रवीन्द्र सोनकर पर आखिरकार पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई का हंटर चल ही गया। थानेदार रवींद्र कुमार थाना क्षेत्र में पूरी तरह से क्राइम कंट्रोल करने में विफल साबित हुये।रवीन्द्र सोनकर को सोमवार को कप्तान ने उनकी थानेदारी की कुर्सी छीन ही ली।और उनके स्थान पर गुरूबख्सगंज थाना क्षेत्र के अटौरा चौकी इंचार्ज रहे श्री राम पाण्डेय को नसीराबाद थाने की कमान सौंपी गयी।जबकि रवीन्द्र सोनकर को वीआईपी सेल भेजा गया।बतातें चलें कि सात जनवरी 2020 को रवीन्द्र सोनकर के नसीराबाद थाने की कमान संभालते ही थाना क्षेत्र में क्राइम कंट्रोल का ग्राफ थमने का नाम नही ले रहा था।हत्या, जानलेवा हमला,अवैध खनन,अवैध शराब,यहां तक कि एक पत्रकार के ऊपर हुये जानलेवा हमले में पुलिस की सांठगांठ तक की बात सामने आ रही थी।यहीं नही थाने से मायूस फरियादियों की लगातार शिकायतों का कप्तान के दफ्तर पहुंचना आम बात हो गयी थी।साथ ही नाबालिक के अपहरण केस में पुलिस कप्तान के निर्देश के बावजूद एक हफ्ते बाद थानेदार ने मुकदमा पंजीकृत किया।जबकि जमीनी विवाद,मासूमों नाबालिकों से दुष्कर्म,खूनी संघर्ष जैसी अति संवेदनसील घटनाऐं थानाध्यक्ष के लिये आम बात थी।थानाध्यक्ष की कार्यशैली से जनता में आक्रोश पनप रहा था।यही नही पत्रकारों से इनके रिश्ते हमेशा से तल्ख रहें है।अपना बैड वर्क को फाइलों में दबाकर कप्तान साहब की नजरों में अपना गुड वर्क दिखाना जैसे इनकी आदत में शुमार हो गया था।अब नसीराबाद थाने के नये थाना प्रभारी श्रीराम पांडे को सूझबूझ के साथ क्षेत्र में बढ़ते अपराध को एक चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक के विश्वास पर खरा उतरना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *