उत्तर प्रदेश

कॉलेज न आने वाले शिक्षकों का वेतन रोका गया वेतन

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कॉलेज न आने वाले शिक्षकों पर पहले दिन ही प्रबंधतंत्र ने सख्त कार्रवाई की है। करीब 26 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तो चार शिक्षकों का जून माह का वेतन रोकने का आदेश दिया है। प्रबंध तंत्र ने कहा कि अगर शिक्षकों का जवाब उचित नहीं मिला तो इन सबके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शहर के डीएवी कॉलेज, डीबीएस कॉलेज, डीजी कॉलेज और महिला महाविद्यालय सोमवार से खुल गया है। प्रबंध तंत्र ने सभी शिक्षक व कर्मचारियों को सोमवार को आने का सख्त आदेश दिया गया था। सोमवार को चारों कॉलेज में उपस्थिति दर्ज कराई गई। डीबीएस कॉलेज में इतिहास विभाग के डॉ. विजय खरे, भौतिक विज्ञान विभाग के डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल, डॉ. महेंद्र कुमार व डॉ. ओपी गुप्ता को स्किल बेस्ड प्रोग्राम का प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराना था। मगर अब तक उन्होंने रिपोर्ट नहीं दी है। प्रबंध समिति के सचिव डॉ. नागेंद्र स्वरूप ने बताया कि इनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई करते हुए जून माह का वेतन रोक दिया गया है। इसी तरह, इतिहास विभाग के डॉ. एसएन श्रीवास्तव, डॉ. मोनिका गुप्ता अनुपस्थित मिले तो इनका 29 जून का वेतन रोक दिया गया है।

डीएवी कॉलेज में 13 शिक्षक अनुपस्थित मिले। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें डॉ. ओमपाल सिंह, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. लोकेश कुमार सक्सेना, डॉ. रनमीत भल्ला, डॉ. अनुराग सक्सेना, डॉ. राजकुमार, डॉ. साधना चतुर्वेदी, डॉ. शशिप्रभा अग्रवाल, डॉ. सरस, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. पीयूष मिश्रा, डॉ. ज्ञान प्रकाश व डॉ. हरी सिंह हैं। प्रबंध समिति के सचिव गौरवेंद्र स्वरूप ने बताया कि डीजी कॉलेज में डॉ. मिथिलेश गंगवार, डॉ. शालिनी त्रिपाठी, डॉ. शबा परवीन व डॉ. प्रियदर्शिनी निरंजन अनुपस्थित मिले। इनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। महिला महाविद्यालय में अनुपस्थित मिली डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सुमन लता, रश्मि सिंह, निशत फातिमा, संगीता कुमारी, डॉ. नम्रता तिवारी व साधना बाजपेई को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

लॉकडाउन में शिक्षकों ने क्या किया है। इसकी पूरी रिपोर्ट सात दिन के अंदर तैयार कर प्रबंधतंत्र को उपलब्ध कराएं। जो शिक्षक इसकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश डीएवी कॉलेज, डीबीएस कॉलेज, डीजी कॉलेज व महिला महाविद्यालय के प्रबंध तंत्र ने सभी शिक्षकों को दिया है। प्रबंध समिति के सचिव डॉ. नागेंद्र स्वरूप ने बताया कि लॉकडाउन में शासन ने वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया था। इस दौरान शिक्षकों को साहित्य सृजन, कलात्मक, रचनात्मक, प्रायोगिक कार्य, शोध कार्य, परियोजनाएं, पुस्तक लेखन, शोध पत्र लेखन, प्रश्न बैंक, वेबिनार, सेमिनार का आयोजन करना था। इसलिए सभी शिक्षकों से सात दिन के अंदर वर्क फ्रॉम होम के दौरान किए गए कार्यों की रिपोर्ट को मांगा गया है।

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